Stolen Smartphone: चोरी हुए स्मार्टफोन को बाजार में कैसे 'खपाया' जाता है? क्या सावधानी है जरूरी
IMEI नंबर नोट करके रखें-
IMEI नंबर फोन को ट्रैक करने में मदद करता है। यह नंबर आपको बॉक्स पर या फोन की सेटिंग्स में मिलेगा। इसकी मदद से फोन को हमेशा के लिए डिसेबल किया जा सकता है जिसके बाद कोई भी उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

विस्तार
आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। यह सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि हमारी पर्सनल और प्रोफेशनल जानकारी का भंडार है, लेकिन अगर यह चोरी हो जाए तो क्या होता है? चोरी हुए स्मार्टफोन का इस्तेमाल कई गलत कामों में किया जा सकता है और इसे लेकर हमारे मन में कई सवाल उठते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि चोरी हुए स्मार्टफोन का क्या होता है और इससे जुड़े सुरक्षा उपाय क्या हैं।
- डाटा चोरी और दुरुपयोग-स्मार्टफोन में सेव फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स, और डॉक्यूमेंट्स को चुराकर हैकर्स दुरुपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा बैंकिंग ऐप्स या वॉलेट्स से वित्तीय जानकारी निकालकर फ्रॉड किया जा सकता है।
- ब्लैक मार्केट में बेचना-स्मार्टफोन को ब्लैक मार्केट में बेचकर पैसे कमाए जाते हैं। IMEI नंबर बदलकर इसे फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सकता है। ब्लैक मार्केट का सबसे बड़ा बाजार चीन है जहां भारत में चोरी हुए आईफोन भी बिक्री के लिए पहुंचते हैं।
- अवैध कामों में उपयोग-यदि आपका फोन लॉक नहीं है या आसानी से खुल जाने वाला लॉक है तो आपके चोरी किए गए स्मार्टफोन का उपयोग साइबर क्राइम, नकली पहचान बनाने, या गलत गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
- पार्ट्स को बेच देना-जब चोर किसी स्मार्टफोन के लॉक को नहीं खोल पाते हैं या पकड़े जाने के डर से डरते हैं तो वे स्मार्टफोन को खोलकर उसके पार्ट्स जैसे स्क्रीन, बैटरी और प्रोसेसर को अलग-अलग बेच देते हैं।
- स्मार्टफोन को लॉक रखें-मजबूत पासवर्ड, पिन, या बायोमेट्रिक लॉक का इस्तेमाल करें।
- ट्रैकिंग एप्स का उपयोग करें-Google Find My Device (एंड्रॉयड) या Find My iPhone (iOS) जैसे एप्स से अपने फोन को ट्रैक करें।
- डेटा को सुरक्षित रखें-महत्वपूर्ण फाइल्स को क्लाउड में सेव करें। रिमोट डेटा वाइप फीचर ऑन रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर डेटा को डिलीट किया जा सके।
- IMEI नंबर नोट करके रखें-IMEI नंबर फोन को ट्रैक करने में मदद करता है। यह नंबर आपको बॉक्स पर या फोन की सेटिंग्स में मिलेगा। इसकी मदद से फोन को हमेशा के लिए डिसेबल किया जा सकता है जिसके बाद कोई भी उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।