Xiaomi के भारत में नंबर 1 स्मार्टफोन कंपनी बनने का क्या है राज?

चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी आज यानी 6 अप्रैल 2018 को अपना 8वां जन्मदिन मना रही है। आज से ठीक 8 साल पहले 2010 में कंपनी का जन्म हुआ था। इसके फाउंडर LEI JUN हैं और भारत में शाओमी के मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन हैं। शाओमी के इन 8 सालों के सफर पर नजर डालें तो पता चलता है कि कंपनी ने अपनी सटीक रणनीति के जरिए मार्केट में एक खास पहचान बना ली है। अगर गौर से देखें तो शाओमी ने अपने स्मार्टफोन को यूजर्स तक पहुंचाने में जिस टेकनीक का इस्तेमाल किया, उसे अपनाने में भारत में पहले से पैठ बना चुकी सैमसंग पीछे रही।
अगर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि सैमसंग ने भारत में नोकिया के यूजर्स को जिस तरह अपना बनाया, उससे कहीं ज्यादा तेजी से शाओमी सैमसंग के यूजर्स को अपना बनाने में कामयाब रही। इन 8 सालों में कंपनी की रणनीति की बात करें तो उसने मौजूदा बाजार का अध्ययन बड़ी बारिकी से किया और यूजर्स की डिमांड के मुताबिक स्मार्टफोन को बाजार में उतारा और यही कारण रहा है कि शाओमी आज भारत में नंबर स्मार्टफोन कंपनी है।
शाओमी के भारत में नंबर बनने के पीछे की कहानी क्या है?

सबसे पहले आपको बता दें कि शाओमी ने जुलाई 2014 में भारत में अपना पहला स्मार्टफोन Mi 3 पेश किया था। इस फोन को कंपनी ने सबसे पहले सिंगापुर में लॉन्च किया था जो कि फ्लैश सेल में 2 मिनट में ही आउट ऑफ स्टॉक हो गया था। इसके बाद कंपनी ने रेडमी 2 प्राइम को पेश किया जो कि पहला मेक इन इंडिया फोन था। इसके बाद कंपनी ने लगातार भारत में कई सस्ते स्मार्टफोन उतारे। आज भारत में शाओमी के कई स्टोर और मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स हैं।
गौर से देखें तो आप पाएंगे कि शाओमी के स्मार्टफोन सस्ते होते हैं और साथ ही उनमें क्वालिटी भी होती है। शाओमी के भारत में जमने के तीन कारण रहे। पहला स्मार्टफोन की कीमत, दूसरा क्वालिटी और तीसरा लंबी लाइफ वाली बैटरी। अगर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि भारत में 4000 एमएएच तक की बैटरी के साथ फोन लाने की शुरुआत शाओमी ने ही की। इन तीन कारणों का फायदा कंपनी को यह हुआ कि लोग शाओमी के स्मार्टफोन के दीवाने हो गए और फ्लैश सेल का इंतजार करने लगे। हालत यहां तक पहुंच गई कि शाओमी के फोन ब्लैक में भी बिकने लगे। एक समय था जब हर घर में नोकिया के रिंगटोन सुनाई देते थे वहीं अब शाओमी के रिंगटोन बजते हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि कंपनी कम कीमत में शानदार स्मार्टफोन कैसे बेचती है?
कम कीमत में शानदार फीचर के साथ कैसे लॉन्च होते हैं शाओमी के फोन ?

इस सवाल का जवाब अगर आप खोजेंगे तो पाएंगे कि शाओमी ने 2017 तक कहीं भी होर्डिंग नहीं लगाए। टीवी पर विज्ञापन नहीं दिए, किसी को ब्रांड एम्बेसडर नहीं बनाए, अखबार में विज्ञापन नहीं दिए। ऐसे में कंपनी के इन जगहों पर खर्च होने वाले पैसे बचे, क्योंकि आप भी जानते हैं कि किसी भी प्रोडक्ट की कीमत में उसके विज्ञापने वाले खर्च को भी जोड़ा जाता है। कंपनी ने यूजर्स से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल किया। ट्विटर पर कंपनी के भारत में मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन काफी एक्टिव रहते हैं। इसके अलावा रेडमी इंडिया या फिर शाओमी इंडिया के ट्विटर हैंडल से भी यूजर्स को लगातार अपडेट दिए जाते हैं। हालांकि पिछले साल कंपनी ने भारत में पहली बार कैटरीना कैफ को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया।