iPhone Hacking Alert: सरकार ने एपल को दी हिदायत, कहा- राजनीतिक मामलों में थोड़ा संभलकर रहें
दो महीने बाद एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सरकार ने एपल को हिदायत देते हुए कहा है कि कंपनी राजनीतिक मामलों में थोड़ा संभलकर रहे और इस तरह के नोटिफिकेशन भेजने से पहले उसके राजनीतिक परिणाम के बारे में भी सोचे।

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31 अक्तूबर 2023 की सुबह प्रियंका चतुर्वेदी, शशि थरूर, महुआ मोइत्रा, राघव चड्ढा समेत विपक्ष के कई नेताओं के पास एपल की ओर से एक अलर्ट आया जिसमें कहा गया कि उनके आईफोन को हैक किया जा सकता है। इस अलर्ट में राज्य प्रायोजित हैकिंग की चेतावनी दी गई थी जिसके बाद तमाम नेताओं ने मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि सरकार उनकी जासूसी कर रही है।
हंगामे के बाद एपल से सरकार ने जवाब मांगा और अब दो महीने बाद एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सरकार ने एपल को हिदायत देते हुए कहा है कि कंपनी राजनीतिक मामलों में थोड़ा संभलकर रहे और इस तरह के नोटिफिकेशन भेजने से पहले उसके राजनीतिक परिणाम के बारे में भी सोचे।
वॉशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सरकार ने इसके लिए Apple पर दबाव भी बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की ओर से एपल से कहा गया है कि वह राजनीतिक मामलों में नरमी से पेश आए। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एपल की सिक्योरिटी के तीन एक्सपर्ट को भी दिल्ली बुलाया गया था।
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दिल्ली में सरकारी अधिकारियों से इस मुद्दे पर बात हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की ओर से दबाव बनाया जा रहा है कि अलर्ट की पूरी जिम्मेदारी एपल ले। सरकार को इससे दूर रखा जाए, जबकि हैरान करने वाली बात यह है कि अलर्ट में साफ-साफ कहा गया था कि यह राज्य प्रायोजित हैकिंग अलर्ट है।
एपल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था, "राज्य-प्रायोजित हमलावर बहुत अच्छी तरह से फंडिंग वाले और ट्रेंड हैं और उनके अटैक के तरीके समय के साथ बदलते रहते हैं। ऐसे साइबर अटैक का पता लगाना काफी मुश्किल है। कई बार ये अलर्ट झूठे भी साबित होते हैं। यह भी संभव है कि एपल की ओर से भेजे गए कुछ अलर्ट झूठे हो सकते हैं। हम इस बारे में जानकारी देने में असमर्थ हैं कि किस कारण से हमें खतरे की सूचनाएं जारी करनी पड़ रही हैं, क्योंकि इससे हैकर्स को मदद मिल सकती है। Apple ने यह अलर्ट उन लोगों को भेजा है जिनके अकाउंट करीब 150 देशों में एक्टिव हैं।'