एक ही चार्जर से चार्ज होंगे सभी तरह के फोन, एक्सपर्ट के साथ आज होने वाली है बैठक
उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार मोबाइल और सभी पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए सामान्य चार्जर अपनाने के लिए विशेषज्ञ समूहों का गठन करेगी और दो महीने में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

विस्तार
यूरोपियन यूनियन ने USB Type-C पोर्ट को कॉमन चार्जर के तौर पर स्वीकार करने का एलान किया है जिसकी शुरुआत 2024 से होने वाली है। यूरोपियन यूनियन के इस फैसले के बाद अब भारत सरकार ने भी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के एक्सपर्ट के साथ कॉमन चार्जर के मसले पर बैठक करने वाली है।
उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार मोबाइल और सभी पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए सामान्य चार्जर अपनाने के लिए विशेषज्ञ समूहों का गठन करेगी और दो महीने में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सिंह ने कहा कि भारत में दो तरह के चार्जर पर आखिरी फैसला हो सकता है जिसमें एक चार्जर टाईप-सी होगा।
रोहित कुमार सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "यह एक जटिल मुद्दा है। चार्जर के निर्माण में भारत की अपनी एक स्थिति है। हमें अंतिम निर्णय लेने से पहले हर किसी के नजरिए- उद्योग, उपयोगकर्ता, निर्माता और पर्यावरण को समझना होगा।"
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शेयर होल्डर का एक अलग दृष्टिकोण है और उन मसलों के लिए अलग से जांच करने के लिए विशेषज्ञ समूह बनाए जाएंगे। कॉमन चार्जर को भारत में तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा जिनमें मोबाइल और फीचर फोन के लिए एक, लैपटॉप और आईपैड के लिए और पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (स्मार्टवॉच, बैंड आदि) के लिए अलग चार्जिंग पोर्ट वाले चार्जर शामिल होंगे।
तीन कैटेगरी के लिए तीन एक्सपर्ट का ग्रुप फैसला लेगा। एक्सपर्ट का पैनल इस मामले पर अगले दो महीने में फाइल रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। बता दें कि भारत में फिलहाल यूजर्स को अलग-अलग डिवाइस के लिए अलग-अलग चार्जर इस्तेमाल करना पड़ता है। फिलहाल सबसे लोकप्रिय टाईप-सी चार्जर है और उसके बाद माइक्रो यूएसबी और फिर एपल के लाइटनिंग चार्जर का मार्केट में बोलबाला है।