Data Protection Bill: ड्राफ्ट बिल में हुआ संशोधन, कानून तोड़ने पर 500 करोड़ रुपये का जुर्माना
भारत सरकार ने शुक्रवार को एक नया डाटा गोपनीयता कानून (Data Protection Bill) प्रस्तावित किया है जो कि टेक और सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स के निजी डाटा को देश के बाहर भेजने की इजाजत देगा।

विस्तार
संसद के निचले सदन से डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को वापस लेने के तीन महीने बाद भारत सरकार ने शुक्रवार को एक नया डाटा गोपनीयता कानून (Data Protection Bill) प्रस्तावित किया है जो कि टेक और सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स के निजी डाटा को देश के बाहर भेजने की इजाजत देगा।
नया प्रस्तावित डाटा प्रोटेक्शन बिल भारत में फेसबुक और Google जैसी बड़ी कंपनियों के काम करने के तरीके को भी तय करेगा। इससे पहले भारत सरकार ने अगस्त 2019 में ड्राफ्ट बिल का एक प्रस्ताव दिया था। नए प्रस्ताव में देश की जनता के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा।
केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस संबंध में ट्वीट किया और एक लिंक भी शेयर किया है जिसपर क्लिक करके आप बिल के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इससे पहले वैष्णव ने कहा था कि विधेयक वापस लिया गया, क्योंकि संयुक्त संसदीय समिति ने 99 धाराओं के विधेयक में 81 संशोधनों की सिफारिश की थी।
वर्तमान में देश में 76 करोड़ से अधिक लोग इंटरनेट पर एक्टिव हैं जिसे आने वाले वर्षों में 120 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा कनेक्टेड लोकतंत्र है। नए बिल का मकसद यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर सख्त कानून बनाना है। बिल में साफतौर पर यह भी बताया जाएगा कि किसी यूजर के डाटा का इस्तेमाल कहां-कहां और किस तरीके से होगा। नए बिल के तहत 500 करोड़ तक के जुर्माना का प्रावधान है।