एआई वॉइस स्कैम अलर्ट: कैसे अपनों की आवाज में बात कर हो रही ठगी? सरकार ने जारी की चेतावनी
भारत सरकार के संचार विभाग ने एआई वॉयस स्कैम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार ठग आवाज क्लोनिंग कर इमरजेंसी के नाम पर रुपये ऐंठ रहे हैं। आइए जानते हैं सरकार ने क्या सलाह दी है।

विस्तार
आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जितनी तेजी से तरक्की कर रहा है उसके उतने ही गंभीर खतरे भी सामने आ रहे हैं। तकनीक का गलत इस्तेमाल करके साइबर ठग अब आम लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। हाल ही में भारत सरकार के संचार विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन ने एक बेहद जरूरी सेफ्टी अलर्ट जारी किया है। इसमें बताया गया है कि कैसे एआई वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लोगों को ठगा जा रहा है। साथ ही इस नये साइबर फ्रॉड से बचने के सुझाव भी दिए हैं।
क्या है AI Voice Scam का नया जाल?
साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद खतरनाक और नया तरीका ढूंढ निकाला है, जिसे AI Voice Scam कहा जाता है। इसमें ठग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से किसी भी व्यक्ति की आवाज को चंद सेकंड में हूबहू कॉपी या क्लोन कर लेते हैं। इसके बाद वे उस आवाज का इस्तेमाल करके आपके किसी करीबी जैसे माता-पिता, भाई-बहन या दोस्त के रूप में फोन करते हैं। इस तकनीक की वजह से आवाज इतनी असली लगती है कि पीड़ित को जरा भी शक नहीं होता कि कॉल पर कोई दूसरा शख्स बात कर रहा है।
इमरजेंसी का झांसा देकर मांगे जाते हैं लाखों रुपये
इस तरह के फ्रॉड में ठग बहुत ही सोची-मर्जी साजिश के तहत काम करते हैं। वे आपके किसी अपने की आवाज निकालकर आपको अचानक फोन करेंगे और किसी गंभीर इमरजेंसी या दुर्घटना का हवाला देंगे। वे इस तरह से घबराहट पैदा करते हैं कि इंसान बिना सोचे-समझे डर जाता है। इसके बाद वे तुरंत अस्पताल के खर्च या कानूनी मदद के नाम पर हजारों या लाखों रुपये की मांग करते हैं। घबराहट और अपनेपन के अहसास के कारण लोग जालसाजों के इस झांसे में आसानी से फंस जाते हैं।
DoT ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी चेतावनी
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए देश की सरकारी एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। हाल ही में सूचना मंत्रालय के अधीन काम करने वाले संचार विभाग (DoT) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट के जरिए विभाग ने देश के सभी नागरिकों को आगाह किया है कि वे एआई आधारित वॉयस कॉल्स को लेकर बेहद सावधान रहें। सरकार का यह कदम लोगों को जागरूक करने और इस नए प्रकार के डिजिटल क्राइम से बचाने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी प्रयास है।
अनजान नंबर और पैसों की मांग है रेड फ्लैग
- अनजान नंबर और अपनों की आवाज:यदि आपको किसी अनजान या संदिग्ध नंबर से कॉल आए और फोन करने वाला आपके किसी करीबी या परिचित की आवाज में बात करे, तो इसे तुरंत एक बड़ा रेड फ्लैग समझें।
- इमरजेंसी या बड़ी रकम की मांग:अगर कॉल पर बिना किसी पहले दी गई जानकारी के तुरंत ही हजारों-लाखों रुपयों की मांग की जाए या किसी इमरजेंसी का हवाला देकर पैसे भेजने का दबाव बनाया जाए, तो सतर्क हो जाएं।
- पेमेंट ट्रांसफर:यदि कॉलर किसी अनजान बैंक खाते, पर्सनल यूपीआई आईडी (UPI ID) या अन्य संदिग्ध प्लेटफॉर्म से पैसे ट्रांसफर करने की जिद करे, तो पैसे भेजने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूर कर लें।
क्रॉस-चेक करने की डालें आदत
इस तरह की ठगी का शिकार होने से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। DoT ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा बिल्कुल न करें। यदि कोई आपका अपना किसी मुसीबत में होने का दावा करे, तो बिना देर किए उसके असली नंबर पर या उसके किसी अन्य परिवार के सदस्य को फोन करके तुरंत सच्चाई की पुष्टि करें। थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता बरतकर आप अपनी मेहनत की कमाई को इन शातिर साइबर ठगों के चंगुल से सुरक्षित रख सकते हैं।