Warning: पब्लिक Wi-Fi से दूर रहें! फ्री इंटरनेट से लुट सकता है सबकुछ; एंड्रॉयड यूजर्स को गूगल की चेतावनी
Google Public WiFi Warning:
गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स को पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कम करने की कड़ी सलाह दी है। कंपनी का कहना है कि ऐसे नेटवर्क अनएन्क्रिप्टेड होते हैं, जिनके जरिए साइबर अपराधी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और निजी जानकारी आसानी से चुरा सकते हैं।

विस्तार
गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क से दूर रहने की सख्त चेतावनी जारी की है। कंपनी का कहना है कि कैफे, एयरपोर्ट और होटल में मिलने वाला फ्री इंटरनेट देखने में भले ही सुविधाजनक लगे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ा खतरा साबित हो सकता है। गूगल की मानें तो ऐसे नेटवर्क अक्सर अनएन्क्रिप्टेड होते हैं, जिससे साइबर अपराधी बहुत आसानी से बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और निजी जानकारी चुरा सकते हैं। यही वजह है कि कंपनी ने इसे ‘ट्रोजन हॉर्स’ तक बताया है—यानी हैकर्स बिना बताए आपके फोन में बैकडोर बना सकते हैं।
गूगल ने दुनिया भर के करीब 3 बिलियन स्मार्टफोन यूजर्स से कहा है कि वे फोन की सेटिंग्स में जाकर वाई-फाई ऑटो-कनेक्ट फीचर को तुरंत बंद करें। यह सलाह गूगल सेफ्टी सेंटर और एंड्रॉयड अपडेट्स के जरिए जारी की गई है ताकि यूजर्स साइबर हमलों से सुरक्षित रह सकें।
पब्लिक वाई-फाई यूज करने के नुकसान
पब्लिक वाई-फाई से जुड़े खतरे काफी गंभीर हो सकते हैं। पहला बड़ा जोखिम है डेटा इंटरसेप्शन, जिसमें हैकर्स आपके लॉगिन, ईमेल या पेमेंट से जुड़ी जानकारी बीच में ही पकड़ लेते हैं। दूसरा खतरा है मैन-इन-द-मिडल अटैक, जिसमें यूजर को नकली वेबसाइट पर भेज दिया जाता है और पासवर्ड सीधे हैकर तक पहुंच जाता है। असुरक्षित नेटवर्क पर फाइल डाउनलोड करने से मैलवेयर का खतरा बढ़ जाता है, जो डेटा लॉक कर सकता है और डिवाइस को स्लो कर देता है। कई बार हैकर्स असली नाम जैसा फर्जी वाई-फाई नेटवर्क बना देते हैं, जिसे देखकर यूजर धोखा खा जाता है और उसका संवेदनशील डेटा लीक हो जाता है।

मजबूरी में करना पड़ जाए यूज तो...
- सबसे जरूरी है एक भरोसेमंद VPN का इस्तेमाल, जो इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है।
- ब्राउजर में हमेशा HTTPS वाली वेबसाइट ही खोलें और संवेदनशील काम जैसे बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग से पूरी तरह बचें।
- अपने अकाउंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें और फोन का ऑटो-कनेक्ट वाई-फाई फीचर हमेशा बंद रखें।
- कनेक्ट करने से पहले नेटवर्क की विश्वसनीयता जांचना भी बेहद जरूरी है ताकि नकली हॉटस्पॉट से बचा जा सके।
- ब्राउजर में HTTPS Everywhere जैसे एक्सटेंशन इस्तेमाल करने से भी सुरक्षा मजबूत होती है।
गूगल की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब साइबर धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है और असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए आसान शिकार बने हुए हैं।