गूगल का एलान, भारत में फर्जी समाचारों का प्रसार रोकने के लिए खर्च करेगा 10 लाख डॉलर

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भारतीयों में खबरों के प्रति समझ बढ़ाने के लिए गूगल ने 10 लाख डॉलर (करीब 7.12 करोड़ रुपये) खर्च करने का निर्णय लिया है। दिग्गज तकनीकी कंपनी ने बुधवार को यह घोषणा की। गूगल ने कहा कि यह पैसा एक वैश्विक गैर लाभकारी संगठन इंटरन्यूज को दिया जाएगा, जो इस परियोजना के लिए 250 पत्रकारों, फास्ट चैकर्स, विद्वानों और एनजीओ कार्यकर्ताओं की एक टीम तैयार करेगा।
गूगल ने यह घोषणा अपनी उस प्रतिबद्धता के चलते की है, जिसमें उसने विश्व स्तर पर खबरों की समझ बढ़ाने के लिए 1 करोड़ डॉलर (करीब 71.27 करोड़ रुपये) खर्च करने का संकल्प लिया था। गूगल की यह घोषणा ऐसे समय आई है, जब आमतौर पर समाचार प्रकाशकों, खासतौर पर डिजिटल प्लेटफार्म पर काम कर रही न्यूज वेबसाइटों पर झूठी जानकारियां प्रसारित करने में जुटे होने का आरोप लग रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक व स्थानीय विशेषज्ञों की टीम द्वारा एक पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा, जो सात भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। गूगल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर चुने गए लोग भारत के गैर मेट्रो शहरों में जाकर इंटरनेट का उपयोग करने वाले नए लोगों को ट्रेनिंग देंगे ताकि वे अपने सामने आने वाली जानकारी का बेहतर तरीके से आकलन कर सकें।
15 हजार भारतीय पत्रकारों को ट्रेनिंग दे चुका गूगल नेटवर्क
झूठी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए करीब 240 वरिष्ठ भारतीय पत्रकारों और पत्रकारिता शिक्षकों की मौजूदगी वाला गूगल न्यूज इनिशिएटिव (जीएनआई) इंडिया ट्रेनिंग नेटवर्क पिछले साल से काम कर रहा है। गूगल की तरफ से बताय गया कि जीएनआई पिछले एक साल के दौरान 10 भारतीय भाषाओं के 875 समाचार संस्थानों में जाकर 15 हजार से ज्यादा भारतीय पत्रकारों को वेरीफिकेशन ट्रेनिंग दे चुका है।