Cyber Crime: एआई से बनाईं हजारों फर्जी वेबसाइट्स, चीनी गिरोह के खिलाफ कोर्ट पहुंचा Google; जानें क्या है मामला

Jagriti
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Sat, 13 Jun 2026 03:15 PM IST
सार

Google lawsuit Chinese cybercrime

: जहां एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने लोगों के काम को काफी आसान बना दिया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधी भी इसका गलत इस्तेमाल करने में पीछे नहीं है। इसे देखते हुए गूगल ने एक कथित चीनी साइबरक्राइम नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कदम उठाया है। जिस पर जेमिनी की मदद से हजारों फर्जी वेबसाइट्स और लाखों स्कैम मैसेज फैलाने का आरोप है।जानिए पूरा मामला विस्तार से...

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Google Sues Alleged Gemini Scam Network Behind Fake Websites
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    Fake Google YouTube US Postal Service websites scam:

    गूगल इस समय अपने ही सबसे एडवांस एआई टूल जेमिनी के गलत इस्तेमाल से परेशान है। इसी सिलसिले में गूगल ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में एक कथित चीनी साइबरक्राइम नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा दायर किया है। मुकदमे के मुताबिक, इस चीनी गिरोह का नाम आउटसाइडर इंटरप्राइज है, जो चीन से चलाया जा रहा था और आपस में बातचीत व तालमेल के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल करता था। इसने जेमिनी का इस्तेमाल कर 131 फिशिंग किट्स तैयार किए, जिनकी मदद से बेहद कम समय में फर्जी वेबसाइट्स बनाई जा सकती थीं।

    इसके पीछे का उद्देश्य क्या था?

    • मुकदमे में दावा किया जा रहा है कि इस नेटवर्क ने 9,000 से अधिक नकली वेबसाइट्स बनाई थीं। जो गूगल, यूट्यूब, यूएस पोस्टल सर्विस और न्यूयॉर्क के ई-जेडपास जैसी सेवाओं और संस्थानों की हूबहू नकल करती थीं। इनका उद्देश्य लोगों को धोखा देकर उनके पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी और अन्य व्यक्तिगत डेटा हासिल करना था।
    • इतना ही जांच में और भी कई चौंकाने वाली बाते सामने आई हैं। गूगल का कहना है कि मई में सिर्फ दो सप्ताह के भीतर एंड्रॉयड यूजर्स को करीब 25 लाख स्कैम एसएमएस भेजे गए। इन मैसेजों में ऐसे लिंक शामिल थे जो यूजर्स को फर्जी वेबसाइट्स तक ले जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि पूरे अभियान के दौरान 10 लाख से ज्यादा मालिशियस यूआरएल तैयार किए गए थे।

    गूगल ने कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया?

    • गूगल ने अमेरिका के साउथर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की जिला अदालत में यह मुकदमा दायर किया है। कंपनी अदालत से इस नेटवर्क की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को ब्लॉक करने और उनके ऑनलाइन ऑपरेशन को बंद कराने की मांग रही है।
    • हालांकि इस नेटवर्क के खिलाफ गूगल ही नहीं, बल्कि कंपनी के साथ अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई, एटी एंड टी, टी-मोबाइल और Verizon जैसी प्रमुख अमेरिकी टेलीकॉम कंपनियों भी शामिल है। यह एक साथ मिलकर इस अभियान पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है।
    • ऐसा माना जा रहा है कि एआई से फर्जी वेबसाइट्स, नकली संदेश और लोगों को निशाना बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो चुका है।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स, कैसे बचें आप?

    इन लगातार बढ़ते खतरों को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने सतर्क रहने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करे से पहले उसकी अच्छे से जांच कर लें। संदिग्ध एसएमएस और ईमेल से बचने की कोशिश करें और किसी भी वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी व पासवर्ड न दर्ज करें।

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