Google: भारत में पिक्सल स्मार्टफोन का उत्पादन करेगी गूगल, लावा इंटरनेशनल और Bharat FIH से चल रही है बातचीत
दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत को एक विनिर्माण केंद्र के रूप में देख रही हैं। सख्त पाबंदियों से उत्पादन प्रभावित होने के कारण वैश्विक कंपनियां चीन से बाहर मैन्युफैक्चरिंग का विकल्प तलाश रही हैं और भारत का रुख कर रही हैं।

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गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक पिक्सल स्मार्टफोन का भारत में उत्पादन करना चाहती है। कंपनी इसके लिए घरेलू आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रही है। मामले से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि गूगल ने भारत में उत्पादन के लिए लावा इंटरनेशनल लि., डिक्सन टेक्नोलॉजीज इंडिया और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी समूह की भारतीय इकाई भारत एफआईएच के साथ बातचीत शुरू की है। इसके साथ ही गूगल भी उन वैश्विक कंपनियों की सूची में शामिल होने जा रही है, जिन्होंने भारत में उत्पादन शुरू किया है। गूगल जिन संभावित साझेदारों से बातचीत कर रही है, उनमें ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत प्रोत्साहन मिला है। दुनिया में स्मार्टफोन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी एपल ने भारत में अपना आपूर्ति आधार बढ़ाने के लिए इसी योजना का फायदा उठाया है। कंपनी ने 2022-23 के दौरान भारत में आईफोन का उत्पादन तीन गुना बढ़ाकर 7 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचा दिया है।
भारत को विनिर्माण केंद्र के रूप में देख रहीं वैश्विक कंपनियां
दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत को एक विनिर्माण केंद्र के रूप में देख रही हैं। सख्त पाबंदियों से उत्पादन प्रभावित होने के कारण वैश्विक कंपनियां चीन से बाहर मैन्युफैक्चरिंग का विकल्प तलाश रही हैं और भारत का रुख कर रही हैं। इस महीने की शुरुआत में भारत में आईफोन बनाने की घोषणा की है। भारत बड़ा बाजार...भारत गूगल के लिए सबसे बड़ा बाजार है। इसलिए, कंपनी यहां अपना आधार बढ़ाना चाहती है। पिछले साल गूगल ने करीब 90 लाख पिक्सल स्मार्टफोन बनाए थे।
पिचाई के साथ मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर हो चुकी है चर्चा
पीएम के साथ अमेरिका जा रहा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों से व्यापक बातचीत करेगा। इनमें प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कारोबार संबंधी चुनौतियां हटाने पर भी बातचीत होगी। पिछले महीने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैलिफोर्निया में माउंटेन व्यू में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से मुलाकात की थी। बातचीत में भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई थी।