4 दिग्गजों ने छोड़ा गूगल का साथ: कंपनी को हुआ 17 लाख करोड़ का नुकसान, फिर भी सुंदर पिचाई ने चला यह दांव

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 24 Aug 2026 01:10 PM IST
सार

Google Alphabet Market Drop:

गूगल को तब तगड़ा झटका लगा जब उसके चार प्रमुख एआई शोधकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया। इस खबर के बाद अल्फाबेट के शेयरों में भारी गिरावट से कंपनी को 186 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। हालांकि, सीईओ सुंदर पिचाई इसे एक नए अवसर के रूप में देख रहे हैं।

विज्ञापन
google loses over 17 lakh crores after top ai researchers quit sundar pichai invests
एआई और डेटा सेंटर्स पर खर्च बढ़ा रही है गूगल - फोटो : Adobe Stock

    विस्तार

    कैलिफोर्निया के सिलिकन वैली में उस समय खलबली मच गई जब गूगल के सबसे पुराने और दिग्गज एआई विशेषज्ञों में से एक जेफ डीन ने 27 साल बाद कंपनी को अलविदा कह दिया। उनके साथ तीन अन्य शीर्ष शोधकर्ताओं ने भी कंपनी छोड़ने का फैसला किया। इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखा और 5 अगस्त को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) के शेयरों में करीब 4.03 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 186 बिलियन डॉलर स्वाहा हो गए। भारतीय मुद्रा में देखें तो कंपनी को 17 लाख 80 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

    इन चार दिग्गजों के कंपनी छोड़ने को गूगल के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। ऑल-इन पॉडकास्ट में जेसन कैलाकानिस ने बताया कि जेफ डीन और उनके साथी मिलकर डिस्कवरी लूप नाम की एक नई कंपनी शुरू करने जा रहे हैं। लेकिन इस पूरी घटना में सबसे दिलचस्प बात गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का रुख है।

    विज्ञापन

    पिचाई ने नुकसान को अवसर में बदला

    अब सुंदर पिचाई ने इस स्थिति को हार मानने के बजाय एक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। उन्होंने जेफ डीन और लंबे समय से सीनियर फेलो रहे संजय घेमावत की विदाई पर कहा कि गूगल उनकी नई कंपनी में एक संस्थापक निवेशक और क्लाउड पार्टनर के तौर पर काम करेगा। यानी गूगल सिर्फ इन प्रतिभाशाली लोगों को खो नहीं रहा है, बल्कि वह उनके नए वेंचर में पैसा लगाकर भविष्य की एआई तकनीक में अपनी हिस्सेदारी भी पक्की कर रहा है। नई कंपनी डिस्कवरी लूप स्वचालित प्रयोगात्मक लूप के जरिए एआई सिस्टम को और अधिक उन्नत बनाने पर काम करेगी।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    इन दिग्गजों ने भी मोड़ा मुंह

    कंपनी छोड़ने वाले अन्य दो बड़े नामों में गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक ओरिओल विन्याल्स और गूगल ब्रेन के संस्थापक सदस्य क्वोक ले शामिल हैं। इसी दिन कंपनी के भीतर कुछ अन्य बड़े बदलाव भी हुए, जहां डेमिस हसाबिस अब डीपमाइंड के मुख्य कार्यकारी से अध्यक्ष और अल्फाबेट के मुख्य वैज्ञानिक बन गए हैं। वहीं, जेमिनी (Gemini) मॉडल के विकास की जिम्मेदारी अब कोरे कावुककुओग्लू को सौंप दी गई है।

    आखिर क्यों गूगल छोड़ रहे हैं शीर्ष वैज्ञानिक?

    इस भारी उलटफेर के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कर्मचारियों का मनोबल गिरने के कारण जेमिनी 3.5 प्रो की रिलीज में देरी हो सकती है। हालांकि, गूगल ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। पूर्व गूगल कर्मचारी डेविड फ्रीडबर्ग का मानना है कि कंपनी अब अपना पैसा नए एआई मॉडल्स के बजाय डेटा सेंटर्स और बुनियादी ढांचे पर ज्यादा खर्च कर रही है। शायद यही वजह है कि ये शीर्ष शोधकर्ता अपनी खुद की राह तलाशने के लिए मजबूर हुए। इन सब के बावजूद, वॉरेन बफे जैसे दिग्गज निवेशक भी इस साल की पहली छमाही में अल्फाबेट में निवेश करते नजर आए।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें