100 करोड़ एंड्रॉयड फोन पर हैकिंग का खतरा: पुराने OS वाले तुरंत बदलें ये सेटिंग, गूगल ने किया अलर्ट

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Fri, 06 Feb 2026 03:54 PM IST
सार

Android Security Update:

गूगल ने साइबर हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। बताया है कि दुनियाभर में करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में हैं। कंपनी ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने फोन को लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस और सिक्योरिटी अपडेट के साथ सुरक्षित रखें।

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Google Issues Critical Warning 40% Android Devices Vulnerable Malware Due  Outdated OS
गूगल - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    गूगल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 40 प्रतिशत एंड्रॉयड स्मार्टफोन (लगभग 1 अरब से अधिक डिवाइस) साइबर हमलों के निशाने पर हैं। इसमें भी अधिकतर पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम (एंड्रॉयड 13 या उससे नीचे) है, जिसे अब कंपनी से सुरक्षा अपडेट मिलना बंद हो गया है। हैकर्स ने इन्हीं खामियों का फायदा उठाया और डाटा चुरा लिया। सुरक्षा के लिए डिवाइस को तुरंत अपडेट करने या नया हैंडसेट लेने की सलाह दी गई है।

    पुराना ओएस बना हैकर्स का हथियार

    रिपोर्ट बताती है कि जो स्मार्टफोन एंड्रॉयड 13 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे हैं, वे अब सुरक्षित नहीं हैं। स्मार्टफोन कंपनियां एक निश्चित समय, आमतौर पर 3 से 5 साल तक ही सिक्योरिटी पैच जारी करती हैं। एक बार सपोर्ट खत्म होने के बाद, फोन के सॉफ्टवेयर में मौजूद कमियां (Bugs) खुली रह जाती हैं, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स आपके फोन में मैलवेयर या स्पाईवेयर डाल सकते हैं।

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    कितने फोन किस एंड्रॉयड वर्जन पर हैं?

    दिसंबर तक के उपलब्ध डाटा के अनुसार, दुनियाभर में सिर्फ 7.5% स्मार्टफोन ही एंड्रॉयड 16 पर चल रहे हैं। वहीं 19.3% डिवाइस एंड्रॉयड 15, 17.9% एंड्रॉयड 14 और 13.9% स्मार्टफोन एंड्रॉयड 13 पर काम कर रहे हैं। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में यूजर्स अब भी पुराने एंड्रॉयड ओएस का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, इन्हें समय पर सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल पा रहा है।

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    क्या स्मार्टफोन को नहीं मिल रहा सिक्योरिटी सपोर्ट?

    रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल करीब 58 प्रतिशत स्मार्टफोन ही ऐसे हैं जो सिक्योरिटी सपोर्ट के दायरे में आते हैं। इसके उलट, लगभग 40 प्रतिशत स्मार्टफोन ऐसे हो चुके हैं, जिनके लिए अब कोई नया सिक्योरिटी अपडेट जारी नहीं किया जा रहा है। सिक्योरिटी अपडेट पुराने ओएस में मौजूद बग्स, कमजोरियों और साइबर खामियों को ठीक करने का काम करते हैं। इन्हीं खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स स्मार्टफोन में घुसपैठ कर सकते हैं, डाटा चोरी कर सकते हैं, फोन को हैक कर सकते हैं या स्पाईवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं। इसलिए नियमित अपडेट न सिर्फ फोन की परफॉर्मेंस, बल्कि आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी हैं।

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    सुरक्षा के लिए क्या करें?

    गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स को कहा है कि वे अपने स्मार्टफोन को लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस पर अपडेट करें। थर्ड-पार्टी एप्स इंस्टॉल करने से बचें। इसके बाद सिक्योरिटी पैच को नियमित रूप से इंस्टॉल करते रहें। अगर किसी स्मार्टफोन के लिए कंपनी की ओर से उसका सपोर्ट बंद हो चुका है, तो कोशिश करें की जितना जल्दी हो सके नया और अपडेट-सपोर्ट वाला डिवाइस लेने का विचार करें।

    एंड्रॉयड बनाम आईफोन सिक्योरिटी में क्या फर्क है?

    रिपोर्ट में बताया गया है कि आईफोन यूजर्स को पुराने मॉडल्स पर भी लंबे समय तक iOS और सिक्योरिटी अपडेट मिलते रहते हैं, जबकि कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन में 4 से 5 साल बाद सपोर्ट बंद हो जाता है। हालांकि, अब कुछ कंपनियां जैसे गूगल और गूगल पिक्सल ब्रांड्स ने अपने चुनिंदा डिवाइसेज के लिए साल साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का एलान किया है, जिससे एंड्रॉयड इकोसिस्टम में सुधार देखने को मिल रहा है।

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