Google: कानूनी मुश्किल में फंसी गूगल, बच्चों की YouTube एक्टिविटी को ट्रैक करने का आरोप
हाल ही में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने Google पर एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग कर प्रतिस्पर्धा को बाधित करने के लिए करीब 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

विस्तार
सर्च इंजन गूगल को चलाने वाली अल्फाबेट इंक और कई अन्य कंपनियों पर अमेरिकी अपील कोर्ट ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों की गोपनीयता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। अदालत का कहना है कि इन कंपनियों ने बच्चों की यूट्यूब एक्टिविटी को ट्रैक कर उसका इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने के लिए किया है, जो कि बच्चों की प्राइवेसी का उल्लंघन है। बता दें कि इससे पहले पिछले साल सैन फ्रांसिस्को के एक कोर्ट ने इस मुकदमे को खारिज कर दिया था।
अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स इस मुकदमे की समीक्षा कर रही है। कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस का इरादा बच्चों के ऑनलाइन गोपनीयता संरक्षण अधिनियम या COPPA को अपनाकर राज्य के कानून-आधारित गोपनीयता के दावों को खारिज करने का नहीं है। यह कानून संघीय व्यापार आयोग और राज्य के अटॉर्नी जनरल को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के बारे में व्यक्तिगत डाटा के ऑनलाइन एकत्र करने और विनियमित करने का अधिकार देता है, लेकिन निजी कंपनी को नहीं।
कोर्ट का आरोप है कि इस मामले में गूगल ने बच्चों की यूट्यूब एक्टिविटी को ट्रैक कर कानून का उल्लंघन किया है। कोर्ट के अनुसार, गूगल द्वारा डाटा ट्रैकिंग के बाद उस डाटा का विज्ञापन के लिए इस्तेमाल करने की वजह से ही हैस्ब्रो, मैटल और कार्टून नेटवर्क जैसे चैनल्स बच्चों को ज्यादा आकर्षित करते हैं।
बता दें कि हाल ही में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल पर एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग कर प्रतिस्पर्धा को बाधित करने के लिए करीब 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। आयोग ने अपने आदेश में गूगल को अनुचित कारोबारी गतिविधियां बंद करने और कामकाज के तरीकों में बदलाव करने का निर्देश दिया भी दिया था।