Google vs CCI: भारत सरकार के आगे झुका गूगल, कहा- करेंगे सभी नियमों का पालन, प्ले-स्टोर बिलिंग में किए कई बदलाव
Android और Play के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के हालिया निर्देशों से हमें भारत के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता है और आज हमने CCI को सूचित किया है कि हम उनके निर्देशों का पालन कैसे करेंगे।

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Google ने भारतीय बाजार के लिए अपने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम और गूगल प्ले-स्टोर बिलिंग में कई बदलाव की घोषणा की है। गूगल ने यह बदलाव भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के जुर्माने के बाद किए हैं। गूगल ने आज यानी 25 जनवरी को अपने एक ब्लॉग में कहा है कि हम भारत में स्थानीय कानूनों और नियमों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता को गंभीरता से लेते हैं।
Android और Play के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के हालिया निर्देशों से हमें भारत के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता है और आज हमने CCI को सूचित किया है कि हम उनके निर्देशों का पालन कैसे करेंगे। गूगल ने अपने ब्लॉग में यह भी कहा है कि हम सीसीआई के निर्णयों के कुछ पहलुओं का सम्मानपूर्वक अपील करना जारी रखेंगे हैं और यूजर्स की प्राइवेसी के लिए हम अपने मूल सिद्धांतों का भी समर्थन करेंगे।
Google ने अपने ब्लॉग में कहा है कि अब OEMs या दूसरे शब्दों कहें तो मोबाइल कंपनियों को गूगल के एप को अपने फोन में प्री-इंस्टॉल देने के लिए लाइसेंस लेना होगा, जबकि पहले गूगल के एप्स एंड्रॉयड फोन में प्री-इंस्टॉल आते थे। इसके अलावा भारतीय एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स अपने फोन या टैबलेट में डिफॉल्ट सर्च इंजन को भी चुन सकते हैं। मौजूदा समय में डिफॉल्ट सर्च इंजन गूगल रहता है। इसके अलावा गूगल प्ले-स्टोर पर एप बिलिंग के लिए थर्ड पार्टी पेमेंट मोड का भी विकल्प मिलेगा। बता दें कि गूगल के खिलाफ CCI के 20 अक्टूबर और 25 अक्टूबर, 2022 के आदेश गुरुवार यानी 26 जनवरी से प्रभावी हो रहे हैं।
यदि गूगल सीसीआई के आदेश को नहीं मानता तो उसपर भविष्य में भी जुर्माना लगाया जाता। सीसीआई ने गूगल से कहा था कि वह मोबाइल कंपनियों को गूगल के एप्स को अपने फोन में प्री-इंस्टॉल देने के लिए मजबूर ना करे। इसके अलावा सीसीआई ने यह भी कहा था कि गूगल, एंड्रॉयड यूजर्स को गूगल के प्री-इंस्टॉल एप को अन-इंस्टॉल करने की भी सुविधा दे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप मौजूदा समय में अपने एंड्रॉयड फोन से यूट्यूब और गूगल म्यूजिक जैसे गूगल के एप्स को अन-इंस्टॉल नहीं कर सकते।
गूगल पर Play Store की नीतियों के संबंध में अपने वर्चस्व का दुरुपयोग करने के लिए CCI ने 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है जिसे लेकर गूगल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद गूगल ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से गुहार लगाई थी, जिस पर NCLAT ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। हाल ही में NCLAT ने सीसीआई द्वारा गूगल पर लगाए गए 1,337.76 करोड़ रुपये के जुर्माने का 10 फीसदी जमा करने का निर्देश दिया था। गूगल को इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया था।