Gemini AI: क्या चुपके से आपका Email पढ़ रहा है Google? जानिए वायरल पोस्ट के जवाब में कंपनी ने क्या कहा
Gmail और Gemini AI को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों ने लाखों यूजर्स को चिंतित कर दिया था। अब Google ने इन रिपोर्टों और वायरल पोस्ट पर जवाब देते हुए साफ किया है कि कंपनी कभी भी Gmail की निजी सामग्री को Gemini AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं करती।

विस्तार
सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए एक पोस्ट ने Gmail यूजर्स के बीच भारी चिंता पैदा कर दी। दावा किया गया कि Google ने चुपचाप सभी यूजर्स को Gemini AI मॉडल के लिए “ऑप्ट-इन” कर दिया है और अब उनके निजी ईमेल और अटैचमेंट्स का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग में किया जा रहा है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि इस फीचर को बंद करने के लिए Gmail सेटिंग्स में दो अलग-अलग विकल्पों को डिसेबल करना जरूरी है।
यही नहीं, Malwarebytes जैसी कुछ रिपोर्ट्स में भी दावा किया गया कि Gmail की स्मार्ट फीचर्स सेटिंग्स कुछ यूजर्स के लिए डिफॉल्ट रूप से ऑन थीं और इन्हीं के जरिए AI मॉडल्स को ट्रेन किया जा रहा है। इन रिपोर्टों ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया, जिससे लाखों यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर सवाल खड़े होने लगे।
Google ने दी सफाई: Gmail की सामग्री Gemini AI को ट्रेन नहीं करती
22 नवंबर को Gmail के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से Google ने इन सभी दावों को गलत बताते हुए विस्तृत बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि Gmail Smart Features काफी समय से मौजूद हैं और इनमें हाल ही में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Google ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कंपनी Gmail कंटेंट का इस्तेमाल Gemini AI या किसी भी AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं करती है। गूगल ने कहा, “यूजर्स की सेटिंग्स में किसी भी तरह के परिवर्तन नहीं किए गए हैं। अगर भविष्य में कभी किसी पॉलिसी में बदलाव होगा, तो हम पूरी पारदर्शिता के साथ इसकी जानकारी देंगे।”
Google के इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि वायरल पोस्ट और रिपोर्ट्स में किया गया दावा भ्रामक और तथ्यहीन था।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं
Google की सफाई आने के बाद भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दो हिस्सों में बंट गई। कुछ यूजर्स ने कंपनी का समर्थन करते हुए कहा कि यह पूरा मामला सिर्फ गलतफहमी और अफवाहों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि Google लंबे समय से ईमेल प्राइवेसी को लेकर सख्त नीतियां अपनाता रहा है।
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दूसरी ओर, कई यूजर्स ने Google के बयान पर सवाल खड़े किए। कुछ ने कहा कि केवल एक पोस्ट से बात साबित नहीं होती, जबकि कईयों ने इसे यूरोपियन यूनियन के प्राइवेसी कानूनों से बचने की कोशिश बताया। कुछ लोगों ने खुलकर Google पर अविश्वास भी जताया और कहा कि वे बिना सबूत के इस सफाई को स्वीकार नहीं करते।
डिजिटल प्राइवेसी को लेकर संवेदनशील हैं यूजर्स
Gemini AI को लेकर Gmail डेटा एक्सेस के वायरल दावे भले ही लोगों को डराने वाले साबित हुए, लेकिन Google के आधिकारिक बयान से यह साफ हो गया कि यूजर्स के ईमेल पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका इस्तेमाल AI ट्रेनिंग में नहीं किया जाता। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जारी बहस दिखाती है कि यूजर्स आज भी अपनी डिजिटल प्राइवेसी को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और ऐसी किसी भी अफवाह का असर तुरंत देखने को मिलता है।