Google for India: गूगल रिमोट सेंसिंग की मदद से भारत में एग्रिकल्चर को मिलेगी नई दिशा, गूगल CEO सुंदर पिचाई
एआई आधारित मॉडल की मदद से बाढ़ जैसी आपदाओं की भविष्यवाणी करने और एग्रिकल्चर से संबंधित कार्यों में बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी। इन मॉडल की मदद से फसलों में हो रहे बदलाव और वर्तमान स्टेटस का भी पता लगाया जा सकेगा।

विस्तार
भारत में गूगल का सबसे बड़ा इवेंट Google for India 2022 की आज दोपहर 12:00 बजे से शुरुआत हो गई है। गूगल फॉर इंडिया का यह का 8वां एडिशन है। यह इवेंट दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया जा रहा है। इस इवेंट में भारत में एआई-आधारित सॉल्यूशन पर काम करने और गूगल के नए और अपमिंग प्रोडक्ट की घोषणा की जा सकती है। इवेंट में गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और सूचना एवं तकनीक मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच भारत में एआई और एआई आधारित सॉल्यूशन को लेकर चर्चा हुई।
गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बातचीत के दौरान कहा कि कुछ ऐसा बनाना आसान है जो पूरे देश में फैला हो और यही वह अवसर है जो भारत के पास है। स्टार्टअप करने के लिए कोई बेहतर क्षण नहीं है, भले ही हम अभी मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति के माध्यम से काम कर रहे हैं।
भारत में एग्रिकल्चर को एक नई दिशा देने के लिए गूगलरिमोट सेंसिंग क्षमताओं का उपयोग कर रहा है। इसके लिए कंपनी ने एक मॉडल विकसित किया है। फिलहाल इसकी टेस्टिंग तेलंगाना में की जा रही है। इस एआई आधारित मॉडल की मदद से बाढ़ जैसी आपदाओं की भविष्यवाणी करने और एग्रिकल्चर से संबंधित कार्यों में बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी। इन मॉडल की मदद से फसलों में हो रहे बदलाव और वर्तमान स्टेटस का भी पता लगाया जा सकेगा।
गूगल इंडिया प्रमुख ने की इवेंट की शुरुआत
गूगल फॉर इंडिया इवेंट की शुरुआत गूगल इंडिया प्रमुख संजय गुप्ता ने की। गुप्ता ने कहा कि भारतीय टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में एक ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की वैल्यू 230 बिलियन डॉलर है और भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 700 मिलियन यानी 70 करोड़ से अधिक है। गुप्ता ने कहा कि गूगल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बड़े पैमाने पर बदलाव करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऑनलाइन सिक्योरिटी से लेकर एग्रिकल्चर में भी इससे मदद मिल सकेगी।