Google: अब आपकी आवाज, फोटो-वीडियो पर भी गूगल की नजर; AI ट्रेनिंग के लिए बदला नियम, जानें खुद को कैसे रखें सेफ?

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Sat, 27 Jun 2026 09:00 AM IST
सार

Google Data Collection

: अगर आपको लगता है कि गूगल सिर्फ वही जानता है, जो आप सर्च करते हें, तो यह पूरी तरह सच नहीं है। कंपनी अपने एआई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए यूजर्स का पहले से ज्यादा डेटा स्टोर करने की तैयारी में है। तो क्या इसमें आपकी तस्वीरें, वॉइस रिकॉर्डिंग और अपलोडेड मीडिया भी सेव होंगे? जानिए क्या बदल रहा है और आप इसे कैसे रोक सकते हैं।

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Google Expands AI Data Collection: Your Photos, Media Stored Too?
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    Google Expands AI Data Collection:

    अब जैसे-जैसे एआई का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कंपनियां पहले से ज्यादा डाटा इकट्ठा करने में लगी हैं। अब इसी रेस में गूगल भी शामिल हो गया है। नई सेटिंग के तहत सिर्फ सर्च हिस्ट्री से ही नहीं, बल्कि गूगल लेंस, वॉइस सर्च और सर्च लाइव और अन्य सेवाओं के दौरान इस्तेमाल होने वाली तस्वीरें, ऑडियो, वीडियो और दूसरी फाइलें भी सेव की जा सकती हैं। हालांकि, इस बदलाव ने यूजर प्राइवेसी को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है।

    अब कौन-सा डेटा स्टोर करेगा गूगल?

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल अकांउट्स में सर्च सर्विस हिस्ट्री नाम की नई सेटिंग जोड़ी जा रही है। इसके जरिए कंपनी गूगल लेंस, सर्च लाइव, गूगल ट्रांसलेट स्पीकिंग प्रैक्टिस, वॉइस सर्च और अन्य सर्च सेवाओं के दौरान इस्तेमाल किए गए मीडिया को सेव कर सकती है।

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    इसमें केवल टेक्स्ट सर्च नहीं, बल्कि यूजर की ओर से अपलोड की गई तस्वीरें, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो, फाइल्स और AI या Search Services के साथ इंटरैक्शन के दौरान इस्तेमाल होने वाला मीडिया भी शामिल हो सकता है। यह जानकारी खुद गूगल अपने यूजर्स को नोटिफिकेशन भेज कर दे रहा है।

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    गूगल को ज्यादा डेटा की जरूरत क्यों पड़ रही है?

    • एआई मॉडल को बेहतर बनाने के लिए केवल टेक्स्ट डेटा पर्याप्त नहीं होता। तस्वीरें, वीडियो, आवाज और अन्य मल्टीमीडिया डेटा की मदद से AI वास्तविक दुनिया को बेहतर तरीके से समझ पाता है।
    • इसी वजह से गूगल समेत कई AI कंपनियां अब मल्टीमॉडल डेटा पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। गूगल के पास दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस होने की वजह से उसे रोजाना मिलने वाला डेटा एआई ट्रेनिंग के लिए बड़ी ताकत देता है।

    प्राइवेसी को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

    • गूगल का कहना है कि नया डेटा कलेक्शन सर्च और एआई अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
    • वहीं, प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूजर्स का पहले से ज्यादा मीडिया डेटा स्टोर होने से डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

    क्या इस डाटा शेयरिंग को ऑफ किया जा सकता है?

    • सबसे पहले गूगल माई एक्टिविटी खोलें।
    • सर्च सर्विस हिस्ट्री विकल्प चुनें।
    • सेव्ड मीडिया वाले बॉक्स को अनचेक कर दें।
    • इसके बाद सर्च सर्विस से जुड़े मीडिया डेटा को सेव नहीं करेगा।

    क्या बदलने वाला है?

    • नई सेटिंग लागू होने के बाद गूगल पहले की तुलना में ज्यादा प्रकार का यूजर डेटा स्टोर कर सकेगा। हालांकि, कंपनी यूजर्स को इस फीचर को नियंत्रित करने का विकल्प भी दे रही है।
    • ऐसे में प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहने वाले यूजर्स के लिए अपनी गूगल अकांउट सेटिंग्स समय-समय पर जांचना और जरूरत के अनुसार बदलाव करना महत्वपूर्ण होगा।
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