Google का बड़ा एलान: भारत में ₹1.36 लाख करोड़ के निवेश की योजना, AI स्किल और इंफ्रास्ट्रक्चर को करेगी मजबूत

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Wed, 18 Feb 2026 06:50 PM IST
सार

Google DeepMind:

एआई इम्पैक्ट समिट (2026) के मौके पर गूगल ने भारत और दुनिया के लिए कई बड़े एलान किए हैं। 1.36 लाख करोड़ के AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से लेकर नई अमेरिका-भारत डिजिटल कनेक्ट पहल, सरकारी AI प्रोग्राम, स्किल ट्रेनिंग और सुरक्षित AI प्रोडक्ट्स तक, कंपनी ने भारत में विस्तार की योजना पेश की।

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Google DeepMind Partners with Indian Government to Expand AI in Science, Education And Other
गूगल डीपमाइंक का भारत सरकार के साथ करार - फोटो : एआई

    विस्तार

    टेक दिग्गज गूगल ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कई नई वैश्विक साझेदारियों और कार्यक्रमों की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि उसका मकसद तकनीक के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस दिशा में बड़ी भूमिका निभा सकता है बशर्ते सभी को इसकी पहुंच मिले।

    भारत में ₹1.36 लाख करोड़ के निवेश करेगी कंपनी

    Google ने हाल ही में भारत में बुनियादी AI इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए 15 अरब डॉलर (1.36 लाख करोड़) के निवेश की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी प्रशांत महासागर, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों में सबसी केबल नेटवर्क भी तैयार कर रही है।

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    अब कंपनी ने “America-India Connect” पहल की घोषणा की है। इसके तहत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई हिस्सों के बीच नई रणनीतिक फाइबर-ऑप्टिक रूट तैयार किए जाएंगे, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी की पहुंच, स्थिरता और भरोसेमंदता बढ़ेगी।

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    सरकार और स्थानीय संस्थानों को मिलेगा AI का साथ

    Google का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ लोगों और संस्थाओं में निवेश भी जरूरी है। आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर में 74% सरकारी कर्मचारी AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन केवल 18% को लगता है कि उनकी सरकार इसे प्रभावी ढंग से उपयोग कर रही है।

    इस अंतर को कम करने के लिए कंपनी ने कई पहल शुरू की हैं:

    Google.org की ओर से 30 मिलियन डॉलर का “Global AI for Government Innovation Impact Challenge”, जो सार्वजनिक सेवाओं में AI के उपयोग को बढ़ावा देगा।30 मिलियन डॉलर का “AI for Science Impact Challenge”, जिससे वैज्ञानिक शोध को गति मिलेगी।Google DeepMind ने भारत सरकार और स्थानीय संस्थानों के साथ नई साझेदारी की है। इसके तहत अत्याधुनिक AI मॉडल्स तक पहुंच दी जाएगी और इनोवेशन हब को GenAI असिस्टेंट से सशक्त किया जाएगा।भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के साथ मिलकर “Google Center for Climate Technology” की स्थापना, जो AI आधारित जलवायु समाधान को बढ़ावा देगा

    AI स्किल्स से रोजगार और नवाचार को बढ़ावा

    Google ने बताया कि वह अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों को डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित कर चुका है। अब कंपनी ने और बड़े स्किलिंग कार्यक्रम शुरू किए हैं।AI Professional Certificate प्रोग्राम, जिससे लोग कार्यस्थल पर AI का इस्तेमाल सीख सकें। भारत में यह कार्यक्रम Wadhwani AI के साथ मिलकर छात्रों और शुरुआती करियर प्रोफेशनल्स तक पहुंचाया जाएगा।Karmayogi Bharat के साथ साझेदारी, जिससे “Mission Karmayogi” के तहत सिविल सर्विस को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।Google Cloud iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म को सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहा है, जो 800 से ज्यादा जिलों में 2 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को सपोर्ट करता है।प्रशिक्षण सामग्री को 18 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है।

    AI से बदलेगी हर सेक्टर की तस्वीर: सुंदर पिचाई

    एआई समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी अहम टिप्पणी दी। उन्होंने कहा कि AI लोगों की जिंदगी को उन हर क्षेत्रों में बेहतर बनाएगा, जिनसे वे रोजमर्रा में जुड़े होते हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में लगभग हर सेक्टर और हर संदर्भ में बदलाव देखने को मिलेगा। पिचाई ने कहा कि आज पूरी तरह यह कल्पना करना मुश्किल है कि यह बदलाव किस स्तर तक जाएगा, लेकिन इतना तय है कि इसका असर बेहद गहरा और व्यापक होगा।

    पिचाई के बयान से साफ है कि टेक इंडस्ट्री AI को सिर्फ एक तकनीकी टूल नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को बदलने वाली ताकत के रूप में देख रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, सेवाएं और डिजिटल कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में AI की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।

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