Google Chrome: गूगल का यह ब्राउजर है सबसे असुरक्षित, मिलीं सबसे ज्यादा खामियां
पिछले दिनों इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (Cert-in) की तरफ से डेस्कटॉप के लिए गूगल क्रोम में कई कमजोरियां बताई गई थीं और यूजर्स के लिए अलर्ट भी जारी किया गया था।

विस्तार
यदि आप इंटरनेट सर्फिंग के लिए Google Chrome ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं। एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि गूगल क्रोम सबसे असुरक्षित ब्राउजर है। दरअसल, इस साथ 2022 में अब तक गूगल क्रोम में 3,159 तकनीकी खामियों में से सबसे ज्यादा खामियां क्रोम में सामने आई हैं। बता दें कि पिछले दिनों इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (Cert-in) की तरफ से डेस्कटॉप के लिए गूगल क्रोम में कई कमजोरियां बताई गई थीं और यूजर्स के लिए अलर्ट भी जारी किया गया था।
एटलस वीपीएन की एक नई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 3,159 तकनीकी खामियों में से गूगल क्रोम में सबसे ज्यादा 303 खामियां पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार गूगल क्रोम सबसे सबसे कमजोर और असुरक्षित ब्राउजर बन गया है। ये आंकड़े 1 जनवरी 2022 से 5 अक्टूबर 2022 तक के VulDB खामियों के डाटाबेस पर आधारित हैं। क्रोम में इस महीने CVE-202203318, CVE-2022-3314, CVE-2022-3311, CVE-2022-3309 और CVE-2022-3307 खामियां पाई गई हैं। बता दें कि CVE प्रोग्राम कई प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा खामियों और कमजोरियों को ट्रैक करता है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार यूजर्स गूगल क्रोम वर्जन 106.0.5249.61 में अपडेट करके इन्हें ठीक कर सकते हैं।
वहीं रिपोर्ट के मुताबिक मोजिला फायरफॉक्स (Mozilla Firefox) ब्राउजर 117 खामियों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि अक्टूबर तक माइक्रोसॉफ्ट एज में 103 कमजोरियां मिलीं। वहीं एपल के ब्राउजिंग एप सफारी में सबसे कम खामियां मिली हैं।
सुरक्षित रहने के लिए ये करें
अगर आप इंटरनेट सर्फिंग के लिए गूगल क्रोम का इस्तेमाल करते हैं और खुद को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले इस ब्राउजर को अपडेट कर लेना चाहिए। साथ ही गूगल क्रोम का इस्तेमाल करते समय ध्यान दें कि किसी भी फर्जी लिंक या अनजाने लिंक पर क्लिक या वेबसाइट पर विजिट न करें। साथ ही किसी भी वेबसाइट और ब्राउजर पर अपनी बैंकिंग जानकारी को सेव न करें।
सरकार ने दी थी चेतावनी
यह चेतावनी आईटी मंत्रालय के इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की ओर से डेस्कटॉप यूजर्स के लिए जारी की गई थी। CERT-In की एडवाइजरी के अनुसार, गूगल क्रोम में कई खामियां मौजूद हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम पर क्राफ्टेड रिक्वेस्ट भेजकर इससे अटैकर्स आर्बिटर्री कोड एग्जीक्यूट कर सकते हैं। यह कोड आपके कम्प्यूटर की सुरक्षा को बायपास कर सकता है और आपके सिस्टम को पूरी तरह से हैक कर सकता है। CERT-In ने यूजर्स से ब्राउजर पर सतर्क रहने और तुरंत अपडेट करने को कहा था।