Google: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की चेतावनी, एआई की जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा मत करो

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Tue, 18 Nov 2025 07:13 PM IST
सार

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई टूल्स मददगार हैं, खासकर जब आप कुछ क्रिएटिव लिखना चाहते हैं। लेकिन लोगों को सीखना होगा कि इन टूल्स का सही इस्तेमाल कैसे करें और एआई टूल्स के जरिए बताई गई किसी भी बात पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

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Google CEO Sundar Pichai warned users Don't blindly trust everything AI tells you
सुंदर पिचाई - फोटो : ANI

    विस्तार

    गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जो भी बताता है, उस पर पूरी तरह भरोसा न करें। उन्होंने कंपनियों को भी सावधान किया कि एआई में हो रहे निवेश से एक बबल बन रहा है जो कभी भी फट सकता है और कोई भी इससे बच नहीं पाएगा।

    बीबीसी को दिए इंटरव्यू में, अल्फाबेट (गूगल की पैरेंट कंपनी) के इंडियन-अमेरिकन सीईओ ने कहा कि एआई मॉडल्स में गलतियां होने की संभावना रहती है। इसलिए यूजर्स को इन्हें दूसरे टूल्स के साथ बैलेंस करके इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ एआई पर निर्भर रहने के बजाय एक मजबूत इंफॉर्मेशन सिस्टम होना जरूरी है। उन्होंने कहा, "इसी वजह से लोग गूगल सर्च भी इस्तेमाल करते हैं। हमारे पास ऐसे प्रोडक्ट्स हैं जो सही जानकारी देने पर ज्यादा फोकस करते हैं"

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    पिचाई ने माना कि एआई टूल्स तब मददगार हैं जब आप कुछ क्रिएटिव लिखना चाहते हैं, लेकिन लोगों को समझना होगा कि इन्हें सही काम के लिए इस्तेमाल करें और इनकी हर बात पर भरोसा न करें।

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    मई में गूगल ने अपने सर्च में 'एआई मोड' लॉन्च किया था, जिसमें जेमिनी चैटबॉट इस्तेमाल होता है ताकि यूजर्स को विशेषज्ञ जैसा अनुभव मिले। पिचाई ने कहा, "हम सही जानकारी देने के लिए बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन आज की एआई टेक्नोलॉजी में अभी भी कुछ गलतियां होती हैं" उन्होंने यह भी कहा कि एआई में निवेश का दौर शानदार है, लेकिन इसमें कुछ हद तक 'तर्कहीनता' भी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या गूगल अपने आप को एआई बबल फटने से बचा पाएगा, तो उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी इससे पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

    उन्होंने इंटरनेट का उदाहरण देते हुए कहा, "उस समय भी बहुत ज्यादा निवेश हुआ था, लेकिन आज कोई इंटरनेट की अहमियत पर सवाल नहीं उठाता। मुझे लगता है एआई भी ऐसा ही होगा"। पिचाई ने बताया कि गूगल का अपना 'फुल स्टैक' मॉडल, चिप से लेकर यूट्यूब डाटा और रिसर्च तक उसे एआई मार्केट के उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करेगा। गूगल यूके में भी बड़ा निवेश कर रहा है और अगले दो साल में 5 बिलियन पाउंड इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च पर खर्च करेगा।

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