Google: बैक बटन दबाने पर नहीं हट रही वेबसाइट, गूगल Back Button Hijacking को करेगा बैन, इसलिए लिया गया ये फैसला
Google Back Button Hijacking:
गूगल ने यूजर एक्सपीरियंस सुधारने के लिए बैक बटन हाईजैकिंग पर बड़ा कदम उठाया है। अब जो वेबसाइट्स यूजर्स को बैक बटन से बाहर नहीं निकलने देतीं, उन्हें स्पैम माना जाएगा और उनकी सर्च रैंकिंग गिर सकती है।

विस्तार
Google Spam Policy Update 2026:
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने किसी वेबसाइट पर बैक बटन दबाया, लेकिन आप पिछले पेज पर जाने के बजाय उसी साइट में फंसे रह गए हो? इसे ही बैक बटन हाईजैकिंग कहा जाता है। अब गूगल ने इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने इस एक मैलिशियस (भ्रामक) प्रैक्टिस घोषित कर दिया है और साफ कर दिया है कि अब ऐसी वेबसाइट्स को सजा मिलेगी। यानी गूगल इसे एक चाल मान रहा है, जिसमें वेबसाइट्स यूजर के ब्राउजर के बैक बटन को कंट्रोल करने की कोशिश करती हैं।
जब आप बैक बटन दबाते हैं तो और आप पिछले पेज पर नहीं जा पाते, तो ये किसी दूसरे या अनचाहे पेज पर भेज दिया जाता है। कई बार बार-बार विज्ञापन या पॉप-अप दिखाए जाते हैं, जो कि यूजर को साइट पर रोके रखने का गलत तरीका माना जा रहा है।
Google ने क्यों लिया यह फैसला?
गूगल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यूजर एक्सपीरियंस सबसे पहले आता है, लेकिन बैक बटन हाइजैकिंग यूजर की उम्मीदों को तोड़ देता है। इससे लोग खुद को ट्रैप महसूस करते हैं। कंपनी का कहना है यह प्रैक्टिस यूजर की ब्राउजिंग फ्रीडम में दखल देती है और उनकी प्राइवेसी व सिक्योरिटी को भी प्रभावित कर सकती है।
अब क्या होगा ऐसी वेबसाइट्स का?
15 जून 2026 के बाद ऐसी साइट्स की गूगल सर्च रैंकिंग गिर सकती है, उन पर मैनुअल स्पैम एक्शन लिया जा सकता है। इसका ट्रैफिक और विजिबिलिटी पर सीधा असर पड़ सकता है। यानी जो साइट्स इस ट्रिक का इस्तेमाल करेंगी, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यूजर्स को क्या करना होगा?
- गूगल ने निर्देश दिया है कि ऐसी भी कोई भी स्क्रिप्ट या ट्रिक को न अजमाएं, जो इस बैट बटन को ब्लॉक करने के बारे में बताता हो।
- यूजर्स को सामान्य तरीके से ब्राउज करने दें।
- ब्राउजर हिस्ट्री के साथ छेड़छाड़ तो बिल्कुल न करें।
- इस फैसले का सीधा फायदा आम यूजर्स को मिल सकता है। क्योंकि ये हटने के बाद यूजर्स की ब्राउजिंग ज्यादा आसान हाे सकती है।
- अनचाहे पेज और विज्ञापन से राहत मिल सकती है।
- इंटरनेट एक्सपीरियंस ज्यादा भरोसेमंद हो सकता है।