गूगल पर चीन के साथ काम करने के गंभीर आरोपों पर गौर करेगा ट्रंप प्रशासन

फेसबुक के बाद अब इंटरनेट सर्च इंजन गूगल पर भी उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। गूगल पर चीन की सरकार के साथ मिलकर काम करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पिछले हफ्ते डाटा लीक मामले में अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन ने फेसबुक पर पांच अरब डालर यानी तकरीबन 34 हजार करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया ट्वीट
ट्रंप ने ट्वीट किया, 'अरबपति टेक निवेशक पीटर थील का मानना है कि गूगल पर देशद्रोह के आरोप की जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि गूगल कंपनी चीन की सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। आगे उन्होंने कहा कि पीटर एक महान और प्रतिभाशाली शख्स हैं, जो इस विषय को किसी से भी बेहतर तरह से जानते हैं।' ट्रंप ने कहा कि वे इस मामले पर गौर करेंगे।
हाल में खबरें आईं थीं कि गूगल ने चीन के लिए अपने सर्च इंजन के एक संशोधित वर्जन पर काम करना शुरू किया है। वहीं दूसरी ओर गूगल ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। 2010 में इस टेक कंपनी ने अपने सर्च इंजन को चीन से बाहर कर दिया था। दरअसल, चीन सरकार उसके सर्च रिजल्ट्स को सेंसर करने की कोशिश कर रही थी। इसके विरोध में गूगल को यह कदम उठाना पड़ा।
चीन में बैन हैं ये साइट्स
चीन में पहले से ही गूगल, फेसबुक और यूट्यूब जैसी साइट्स पर बैन लगा हुआ है। यहां तक कि चीन के लोग माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर भी इस्तेमाल नहीं कर सकते। चीन में सर्च इंजन के लिए लोग बायडू (Baidu) और सोशल मीडिया साइट्स के तौर पर वीबो (Weibo) का इस्तेमाल करते हैं।
फेसबुक पर इसलिए लगा जुर्माना
फेसबुक पर ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैंब्रिज एलानिटिका को डाटा लीक करने का आरोप है और इस मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की अमेरिकी संसद में पेशी भी हो चुकी है। साल 2018 में लंदन की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक का डाटा लीक होने की खबरों के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया था। इसके बाद कई जांच हुईं और फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसके लिए माफी भी मांगी।