AI के गॉडफादर्स की चेतावनी: इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, टेक्नोलॉजी को कंट्रोल करना होगा
एक टीम ने एआई कंपनियों को एआई के काम के लिए जिम्मेदार ठहराने और सरकारों से एआई को अधिक प्रभावी ढंग से रेगुलेट करने की मांग की है। योशुआ बेंगियो और जेफ्री हिंटन सहित अन्य लोगों द्वारा हस्ताक्षरित एक लेटर में इस ग्रुप ने एआई टेक्नलोजी के संभावित नुकसान की रूपरेखा तैयार की है।

विस्तार
शुरुआत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों को खूब पसंद आया, हालांकि अभी भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। AI को टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा इनोवेशन माना जा रहा है लेकिन यही AI अब सिरदर्द बनते जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है जिन्होंने AI को पैदा किया, वही अब इससे इस कदर डरने लगे हैं कि इस पर बैन लगाने की बात कर रहे हैं। करीब दो दर्जन AI एक्सपर्ट, AI साइंटिस्ट और रिसर्चर्स (जिनमें 3 AI के गॉडफादर) ने कहा है कि समय रहते AI को नहीं रोका गया तो यह भारी तबाही मचा सकता है।
इनकी एक टीम ने एआई कंपनियों को एआई के काम के लिए जिम्मेदार ठहराने और सरकारों से एआई को अधिक प्रभावी ढंग से रेगुलेट करने की मांग की है। योशुआ बेंगियो और जेफ्री हिंटन सहित अन्य लोगों द्वारा हस्ताक्षरित एक लेटर में इस ग्रुप ने एआई टेक्नलोजी के संभावित नुकसान की रूपरेखा तैयार की है।
ग्रुप द्वारा जारी किए लेटर में लिखा है कि एआई सिस्टम इंसानों के मुकाबले बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं। यदि ऐसी टेक्नोलॉजी को सावधानीपूर्वक डिजाइन और डेवलप नहीं किया जाता है, तो वे सामाजिक स्तर पर कई प्रकार के जोखिम पैदा कर सकते हैं। एआई, सामाजिक अन्याय को बढ़ाने, सामाजिक स्थिरता को नष्ट करने और इंसानों को कमजोर कर सकते हैं।
- WhatsApp: एप इंटरफेस में प्लेटफार्म ने किया बड़ा बदलाव, डिजाइन से लेकर कलर तक बदला
- काम की बात: आधार कार्ड से लिंक नहीं है मोबाइल नंबर तो क्या हुआ, ये काम आराम से हो सकते हैं
- खो गया है Pan Card! ऐसे करें ई-पैन डाउनलोड
- काम की बात: फोन की डिस्प्ले के लिए HD, FHD, UHD का क्या मतलब है, आपको कौन-सा फोन लेना चाहिए