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जानकारी: 8 जून को अचानक क्यों बंद हो गई थीं दुनियाभर की कई वेबसाइट

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रदीप पाण्डेय Updated Fri, 11 Jun 2021 05:03 PM IST

सार

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के कारण इस तरह का आउटेज होता है। लोकप्रिय सीडीएन प्रोवाइडर फास्टली में दिक्कत के कारण ये वेबसाइट ठप हुई थीं। फास्टली ने भी अपनी साइट पर इस आउटेज की पुष्टि की थी, हालांकि फास्टली ने अभी तक यह नहीं बताया है कि किस कारण से यह समस्या हुई।
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Internet shutdown
Internet shutdown - फोटो : amarujala

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विस्तार

8 जून 2021 को अमेरिकी और यूरोप की कई वेबसाइट अचानक से बंद हो गईं जिसके बाद हाहाकार मच गया। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ है जिसकी वजह से हजारों प्रमुख वेबसाइट्स ठप पड़ गईं। यहां तक कि यूनाइटेड किंगडम की सरकारी वेबसाइट भी बंद हो गई थी। इस इंटरनेट शटडाउन से स्पॉटिफाई से लेकर ट्विच, रेडिट और समाचार पोर्टल जैसे सीएनएन, फाइनेंशियल टाइम्स, द गार्जियन, बीबीसी न्यूयॉर्क टाइम्स, आदि समाचार वेबसाइट्स काफी समय डाउन रहीं। सभी वेबसाइट्स पर एरर 503 सर्विस अनअवेलेबल और कनेक्शन फैलियर संदेश दिखने शुरू हो गए। तो सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ, आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं...
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ब्रिटेन से हुई शुरुआत
ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर तो इसे स्वीकार नहीं किया है लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिट बेवसाइट के ठप होने की शुरुआत ब्रिटेन से ही हुई। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक इसकी शुरुआत ब्रिटेन में सुबह करीब 11 बजे हुई। इसके बाद अमेरिका के यूजर्स ने भी वेबसाइट के डाउन होने की शिकायत की। एक साथ कई वेबसाइट के घंटों ठप रहने से करोड़ों डॉलर का नुकसान भी हुआ होगा, हालांकि फिलहाल इसका कोई सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है।


वेबसाइट ठप होने की वजह क्या थी?
आमतौर पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के कारण इस तरह का आउटेज होता है। लोकप्रिय सीडीएन प्रोवाइडर फास्टली में दिक्कत के कारण ये वेबसाइट ठप हुई थीं। फास्टली ने भी अपनी साइट पर इस आउटेज की पुष्टि की थी, हालांकि फास्टली ने अभी तक यह नहीं बताया है कि किस कारण से यह समस्या हुई। बता दें कि फास्टली अमेरिका की क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है। फास्टली की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक वह तमाम वेबसाइट का कुछ डाटा अपने सर्वर पर सेव करती है, ताकि वेबसाइट की स्पीड बरकरार रहे।

क्या करती हैं सीडीएन प्रोवाइडर कंपनियां?
सीधे शब्दों में आप बस इतना समझ लीजिए कि पूरे इंटरनेट का ढांचा सीडीएन प्रोवाइडर कंपनियों पर ही टीका है। फास्टली जैसी कई कंपनियां हैं, जो दुनियाभर की तमाम वेबसाइट को अपनी सेवाएं दे रही हैं। इन कंपनियों के सर्वर और डाटा सेंटर कई देशों में होते हैं। इन कंपनियों के सर्वर पर भी वेबसाइट्स का डाटा (डुप्लीकेट डाटा) स्टोर होता। इसका फायदा यह होगा कि जब कोई ग्राहक किसी वेबसाइट पर विजिट करता है तो ग्राहक का लोड वास्तिवक वेबसाइट पर नहीं, बल्कि सीडीएन प्रोवाइडर की वेबसाइट पर पड़ता है। इससे वास्तविक वेबसाइट की स्पीड अच्छी रहती है। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं कई बार हुई हैं।

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