Gita GPT: गूगल के इंजीनियर ने बनाया एआई चैटबॉट गीता जीपीटी, भगवद गीता से प्रेरित होकर मिलेगा हर समस्या का हल
चैटबॉट Gita GPT की मदद से यूजर्स उनकी रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में "भगवद गीता से परामर्श" ले सकेंगे। यानी प्लेटफॉर्म पर यूजर्स जो भी सवाल पूछेंगे, एआई चैटबॉट भगवद गीता से परामर्श करके उत्तर देगा।

विस्तार
एआई चैटबॉट ChatGPT और Bard के बाद एआई चैटबॉट तकनीक को लेकर होड़ शुरू हो गई है। अब गूगल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने भगवद गीता से प्रेरित AI चैटबॉट Gita GPT को विकसित किया है। गीता चैटबॉट की मदद से यूजर्स उनकी रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में "भगवद गीता से परामर्श" ले सकेंगे। यानी प्लेटफॉर्म पर यूजर्स जो भी सवाल पूछेंगे, एआई चैटबॉट भगवद गीता से परामर्श करके उत्तर देगा। बता दें कि गीता जीपीटी भी चैटजीपीटी की तरह ही एआई चैटबॉट है।
बेंगलुरु स्थित गूगल सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुकुरु साई विनीत ने गीता जीपीटी को विकसित किया है, जो कि भगवद गीता से प्रेरित है। विनीत एआई की दौड़ में शामिल हो गए हैं और उन्होंने चैट जीपीटी जैसा टूल बनाया है, जो भगवद गीता में लिखे गए सभी सवालों के जवाब देता है। गीता जीपीटी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट GPT-3 द्वारा संचालित है, जो सीधे भगवद गीता से आपके जीवन के मुद्दों के जवाब देता है।
ओपनएआई के एआई चैटबॉट ChatGPT की लॉन्चिंग के बाद से ही एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैटबॉट की जंग तेज हो गई है। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने भी अपने स्वयं के एआई चैटबॉट को पेश कर दिया है। गूगल ने हाल ही में एआई चैटबॉट बार्ड को पेश किया जबकि माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बिंग सर्च इंजन में चैटजीपीटी जैसी तकनीक को शामिल किया।
सिर्फ बड़ी टेक कंपनियां ही नहीं बल्कि स्टार्ट-अप और डेवलपर्स भी हैं जो इस तकनीक पर काम कर रहे हैं और एआई चैटबॉट विकसित करना चाह रहे हैं। ऐसे कई चैटबॉट्स में से एक गीता जीपीटी है, जिसे बेंगलुरु स्थित गूगल सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा विकसित किया गया है।