सोशल मंच: गूगल, फेसबुक, अमेजन के लाइक्स पर टैक्स बढ़ाने को जी7 देशों के वित्त मंत्रियों का मंथन
ब्रिटेन के वित्तमंत्री ऋषि सुनैक की अध्यक्षता में दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में टैक्स की नई नीति को मूर्त रूप दिये जाने की संभावना है। कोरोना महामारी के बाद वैश्विक स्तर पर यह पहली बैठक है जिसमें नेता आमने सामने बैठकर चर्चा करेंगे।

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गूगल, फेसबुक और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों के ऑनलाइन मंचों पर लाइक्स के ऊपर अधिक टैक्स वसूलने की वैश्विक डील को अंतिम रूप देने के लिए लंदन में शुक्रवार को जी7 देशों के वित्तमंत्रियों ने मंथन शुरू किया।
विकसित देश लंबे समय से इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के सत्ता संभालने के बाद इस मसले में अधिक दिलचस्पी दिखाने के बाद वैश्विक स्तर पर इसको लेकर आम सहमति बनी है। ऐसा माना जा रहा है कि इन कंपनियों के लाइक्स पर टैक्स बढ़ाने से कोरोना महामारी से खड़े हुए आर्थिक संकट पर कुछ मरहम लग सकता है।
अमीर देशों का मानना है कि गूगल, फेसबुक और अमेजन जैसी कंपनियां उनके यहां से पैसे तो खूब कमाते हैं लेकिन अपनी बहुत सी सेवाओं पर न के बराबर या बिलकुल ही टैक्स नहीं अदा करती हैं।
बैठक से पहले सुनैक ने कहा, हम आशा करते हैं कि इस बार हम किसी ऐसे फैसले पर जरूर पहुंचे जिससे इस मुश्किल समय में दुनिया की आर्थिक चुनौतियों का हल निकालने में मदद मिले।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बैठक में शामिल जापान, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, इटली और कनाडा के वित्तमंत्रियों की राय बेहद अहम होगी। बैठक के निर्णयों को जुलाई में वेनिस में होने वाले जी20 सम्मेलन में पेश किया जाएगा। बैठक के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। इसके चलते मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल, पत्रकारों की संख्या घटाई गई है।
अमेरिका ने दिया कम से कम 15 फीसदी टैक्स का सुझाव
अमेरिका ने अपने प्रस्ताव में इन कंपनियों से कम से कम 15 फीसदी टैक्स वसूलने का सुझाव दिया है। इसके मुताबिक अगर किसी कंपनी ने कहीं कम दर के साथ कर का भुगतान किया है, तो शायद उसे टॉप-अप करों का भुगतान करना होगा।
बाइडन प्रशासन इससे पहले घरेलू कॉरपोरेट टैक्स दर को बढ़ाकर 28 फीसदी करने पर विचार कर रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को उसने इसे घटाकर न्यूनतम 15 फीसदी करने का सुझाव दिया ताकि आने वाले खर्चों में उसे रिपब्लिकन का सहयोग मिल सके।