सिंधिया का बयान: डिजिटल भारत निधि के फंड का इस्तेमाल टेलीकॉम सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए होगा

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 02 Sep 2024 11:58 AM IST
सार

डिजिटल भारत निधि के तहत वित्तपोषित योजनाओं और परियोजनाओं को नियमों में निर्दिष्ट एक या अधिक मानदंडों को पूरा करना होगा। इनमें दूरसंचार सेवाओं, जिसमें मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाएं और दूरसंचार उपकरण शामिल हैं।

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Funds from Digital Bharat Nidhi will be utilised to ensure equal access to telecom services says Scindia
टेलीकॉम इंफ्रा - फोटो : एएनआई

    विस्तार

    दूरसंचार विभाग ने सोमवार को 'दूरसंचार (डिजिटल भारत निधि के प्रशासन) नियम, 2024' अधिसूचित किया। संचार मंत्रालय के अनुसार, इन नए नियमों का उद्देश्य 'डिजिटल भारत निधि' पहल के प्रबंधन और कार्यान्वयन को बेहतर बनाना है, जिसे दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 24(1) के तहत स्थापित किया गया है।

    भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के तहत बनाई गई यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) को अब दूरसंचार अधिनियम, 2024 की धारा 24(1) के तहत 'डिजिटल भारत निधि' के रूप में पेश किया गया है और यह अब उन नए क्षेत्रों को संबोधित करता है, जिन्हें बदलते तकनीकी समय में 'डिजिटल भारत निधि' से मदद की आवश्यकता हो सकती है।

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    केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने X पर एक पोस्ट में नए नियमों को टेलीकॉम सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और भारत के विकसित राष्ट्र बनने के मिशन को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

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    मंत्री ने कहा, "@DoTIndia को यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि टेलीकॉम अधिनियम 2023 के पहले नियम, 'डिजिटल भारत निधि' अब प्रभावी हो गए हैं। यह हमारे द्वारा टेलीकॉम सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और 2047 तक विकसित भारत के मिशन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

    नियमों के तहत डिजिटल भारत निधि से प्राप्त फंड का इस्तेमाल उन परियोजनाओं में किया जाएगा, जिनका उद्देश्य पिछड़े और दूरदराज के क्षेत्रों में और समाज के कमजोर वर्गों, जैसे कि महिलाएं, विकलांग व्यक्ति और आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए दूरसंचार सेवाओं को बेहतर बनाना है।

    डिजिटल भारत निधि के तहत वित्तपोषित योजनाओं और परियोजनाओं को नियमों में निर्दिष्ट एक या अधिक मानदंडों को पूरा करना होगा। इनमें दूरसंचार सेवाओं, जिसमें मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाएं और दूरसंचार उपकरण शामिल हैं।

    बता दें कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 को संसद ने दिसंबर 2023 में पारित किया था, इसे 24 दिसंबर 2023 को भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और उसी दिन इसे सरकारी राजपत्र में प्रकाशित किया गया था।

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