Gujarat: अब भारत में भी बनेगी सेमीकंडक्टर चिप, आईफोन बनाने वाली कंपनी का गुजरात सरकार से करार
कुल 1,54,000 करोड़ रुपये के निवेश से 94,000 करोड़ रुपये डिस्प्ले विनिर्माण इकाई की स्थापना में खर्च होंगे, जबकि 60,000 करोड़ रुपये सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र के लिए निवेश किए जाएंगे।

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भारतीय समूह वेदांता और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन ने गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले एफएबी विनिर्माण इकाई लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। बता दें कि सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल कारों, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में किया जाता है। फिलहाल भारत में इसका निर्माण नहीं किया जाता है।
गुजरात के गांधीनगर में मंगलवार को आयोजित समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर गुजरात सरकार के शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जीतूभाई वाघाणी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी पर बधाई देते हुए कहा कि कहा कि यह एमओयू भारत की सेमीकंडक्टर विनिर्माण महत्वाकांक्षा को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुल 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश अर्थव्यवस्था और नौकरियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह सहायक उद्योगों के लिए एक बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र भी बनाएगा और हमारे उद्योगों की मदद भी करेगा।
गुजरात सरकार की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाले विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के राज्य सचिव विजय नेहरा ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह अबतक का सबसे बड़ा कॉरपोरेट निवेश है। नेहरा ने से कहा कि दुनिया में इस्तेमाल होने वाले सभी चिप का आठ प्रतिशत ताइवान में बनता है। इसके बाद चीन और जापान का नंबर आता है। आगामी संयंत्र से भारत में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण की शुरुआत होगी। यह भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे अन्य देशों पर हमारी निर्भरता कम होगी।
विजय नेहरा ने कहा कि फॉक्सकॉन इस समय संयंत्र की स्थापना के लिए गुजरात में विभिन्न स्थानों का मूल्यांकन कर रही है और अगले कुछ हफ्तों में स्थान का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद संयंत्र अगले दो वर्षों में उत्पादन शुरू कर देगा। अधिकारी ने कहा कि कुल 1,54,000 करोड़ रुपये के निवेश से 94,000 करोड़ रुपये डिस्प्ले विनिर्माण इकाई की स्थापना में खर्च होंगे, जबकि 60,000 करोड़ रुपये सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र के लिए निवेश किए जाएंगे। ये दो एमओयू एक साथ मिलकर 1.54 लाख करोड़ रूपये से अधिक का निवेश गुजरात में लाएंगे और राज्य में लगभग 1 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित एमओयू के अनुसार गुजरात सरकार निवेशकों को संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी हासिल करने में सुविधा देगी।