FASTag Scam: ऑनलाइन रिचार्ज पड़ सकता है भारी, लापरवाही से हो जाएगा पूरा अकाउंट खाली
मुंबई की एक महिला को ऑनलाइन फास्टैग रिचार्ज करवाना बहुत महंगा पड़ गया। महिला ऑनलाइन रिचार्ज कराते समय ठगी का शिकार हो गई, जिसके बाद उसके अकाउंट से कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये गायब हो गए।

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ऑनलाइन रिचार्ज हमारी डेली एक्टिविटी में शामिल हो गया है। हम इलेक्ट्रिसिटी बिल, टीवी और मोबाइल रिचार्ज से लेकर टिकट बुक करने तक के भुगतान ऑनलाइन करते हैं। डिजिटल इंडिया कैम्पेन के बाद अब टोल व्यवस्था को भी ऑनलाइन यानी FASTag से जोड़ दिया गया है। चार पहिया वाहनों के लिए FASTag रिचार्ज जरूरी हो गया है। FASTag को भी ऑनलाइन रिचार्ज किया जा सकता है, लेकिन मुंबई की एक महिला को ऑनलाइन फास्टैग रिचार्ज करवाना बहुत महंगा पड़ गया। महिला ऑनलाइन रिचार्ज कराते समय ठगी का शिकार हो गई, जिसके बाद उसके अकाउंट से कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये गायब हो गए। पीड़िता ने इस फ्रॉड की शिकायत मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
TimesNow में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार मुंबई की एक महिला ने इंटरनेट पर ऑनलाइन फास्टैग कैसे रिचार्ज करें की जानकारी सर्च की थी, जिसके बाद उसे एक कस्टमर केयर का नंबर मिला। महिला ने जब उस नम्बर पर कॉल करके ऑनलाइन फास्टैग रिचार्ज में मदद मांगी तो उसे एक लिंक भेजा गया।
इस लिंक पर क्लिक करते ही महिला के फोन में एक एप डाउनलोड हो गया, जिसके बाद उसे फर्जी कस्टमर केयर एजेंट ने लॉग-इन करने के लिए कहा। लॉग-इन के बाद उसे फास्टैग रिचार्ज सक्सेसफुल होने का मैसेज मिला। जब बाद में महिला ने अपनी बैंक डीटेल चैक की तो उसके अकाउंट से कई ट्रांजैक्शन से करीब 7 लाख रुपये गायब हो चुके थे। इसके बाद महिला ने फ्रॉड की शिकायत मुंबई पुलिस को दी। गनीमत यह रही कि महिला ने तुरंत फ्रॉड की जानकारी बैंक को दे दी थी, जिससे बैंक ने 2.5 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को रोक दिया।