FakeBuster: फर्जी वीडियो और फोटो को चुटकियों में पहचान लेगी यह डिवाइस, IIT रोपड़ ने किया है तैयार

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 19 May 2021 05:16 PM IST
सार

FakeBuster किसी मीटिंग में अन्य की जगह शामिल होने वाले किसी अन्य शख्स की पहचान चुटकियों में कर लेगा।

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FakeBuster A Tool for Identify Imposters During Virtual Calls develped by IIT Ropar Australian Researchers
FakeBuster for demo - फोटो : github

    विस्तार

    सोशल मीडिया पर शेयर होने वाले अधिकतर फोटो और वीडियो एडिटेड होते हैं। कई बार एडिट करके किसी फोटो और वीडियो के साथ किसी को निशाना बनाया जाता है तो कई बार मजाक में फोटो एडिट करके लोग शेयर करते हैं। इसके अलावा एक बड़ी समस्या है कि वर्चुल मीटिंग में कुछ बिन बुलाए मेहमान भी शामिल हो जा रहे हैं। ऐसे लोगों को पकड़ना एक मुश्किल है, लेकिन अब आईआईटी रोपड़, पंजाब और मोनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया ने ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए एक डिटेक्टर पेश किया है जिसे फेकबस्टर (FakeBuster) नाम दिया गया है।

    यह FakeBuster सोशल मीडिया पर मैनिपुलेटेड (एडिटेड) फेस को आसानी से पहचान लेगा। इसके अलावा FakeBuster वर्चुअल मीटिंग में बिन बुलाए मेहमान और फर्जी लोगों की पहचान भी आसानी से करने में सक्षम है। इस वक्त वर्क फ्रॉम होम के दौरान FakeBuster बड़े काम का हथियार साबित होने वाला है।

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    इस टेक्नोलॉजी से ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस या सेमिनार में शामिल होने वाले स्पूफ (एडिटेड वीडियो या फेस) को पहचानने में मदद मिलेगी। FakeBuster किसी मीटिंग में अन्य की जगह शामिल होने वाले किसी अन्य शख्स की पहचान चुटकियों में कर लेगा। इस डिवाइस को लैपटॉप या डेस्कटॉप में अटैच किया जा सकेगा। इस टूल से फर्जी खबरों को भी पहचानने में मदद मिलेगी।

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    "FakeBuster: अ डीपफेक डिटेक्शन टूल फॉर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेनोरियो" नाम से एक पेपर का प्रजेंटेशन पिछले महीने अमेरिका में आयोजित हुए 26वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेलिजेंट यूजर इंटरफेस में दिया गया था। प्रजेंटेशन के दौराना बताया गया कि इस सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग Zoom और Skype पर हुई है जिसमें यह सफल रहा है। खास बात यह है कि यह टूल ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में काम करता है।

    FakeBuster को तैयार करने वाली टीम के एक प्रमुख सदस्य डॉक्टर अभिनव ढाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जमाने में किसी फोटो और वीडियो को इस तरीक से एडिट कर दिया जा रहा है कि असली और नकली को पहचानना मुश्किल हो जा रहा है। ऐसे मामले में यह टूल 90 फीसदी सटीक रिजल्ट देता है। FakeBuster को तैयार करने वाली टीम के अन्य तीन मेंबर एसोसिएट प्रोफेसर रामनाथन सुब्रमनियन और दो छात्र विनीत मेहता और पारुल गुप्ता हैं।

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