जब मोदी के मुरीद हुए थे मार्क जुकरबर्ग, डिजिटल इंडिया के समर्थन में बदल डाली थी प्रोफाइल फोटो

सोमवार यानी दो मार्च 2020 की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया को छोड़ने का विचार प्रकट किया। पीएम मोदी के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई कि सोशल मीडिया पर एक्टिव दुनिया के टॉप नेताओं में से एक पीएम मोदी आखिर सोशल मीडिया को अलविदा करने का प्लान क्यों बनाने लगे। इस ट्वीट के बाद नरेंद्र मोदी और फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की एक मुलाकात चर्चा में आ गई है जिसमें जुकरबर्ग ने पीएम मोदी से मिलने के बाद अपनी फेसबुक प्रोफाइल फोटो बदल डाली थी। आइए जानते हैं पूरा वाकया...
2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फेसबुक के मुख्यालय टाउन हॉन मीटिंग के लिए गए थे, तब मार्क जुकरबर्ग ने उनसे मिलने के बाद अपनी फेसबुक प्रोफाइल फोटो बदली थी। जुकरबर्ग ने फोटो के साथ तिरंगा लगाकर लिखा था कि मैं डिजिटल इंडिया का समर्थन करता हूं और यही वजह है कि मैने अपनी प्रोफाइल फोटो बदली है। उन्होंने आगे लिखा थी कि डिजिटल इंडिया से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इंटरनेट जैसी सेवाएं मिलेंगी। इसके बाद से ही मोदी और जुकरबर्ग के फॉलोअर्स ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो बदली थी।
2007 में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मोदी की तारीफ करते हुए एक पोस्ट लिखा था। उन्होंने अपने पोस्ट में मोदी का उदाहरण देते हुए लिखा था कि नेता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी जनता के साथ जुड़ते हैं। जुकरबर्ग ने आगे लिखा था कि इस प्लेटफॉर्म से जनता भी अपने चुने गए नेताओं से जुड़ी रहती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक चौंकाने वाला ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि वह सोशल मीडिया छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। उनके इस ट्वीट के साथ ही मीडिया में हलचल मच गई और कयासों का बाजार गर्म हो गया। इसके साथ ही ट्वीटर पर #NoSir नंबर वन पर ट्रेंड करने लगा था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि मैं फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट छोड़ने पर विचार कर रहा हूं। इस बारे में मैं आपको जानकारी दे दूंगा।'