प्रगति अभ्यास: असली कुत्तों के साथ रोबोटिक डॉग्स, देखिए भारतीय सेना ने किस प्रकार किया सामर्थ्य का प्रदर्शन?
Exercise PRAGATI 2026:
मिलिट्री एक्सरसाइज 'प्रगति 2026' में भारतीय सेना का एक हाई-टेक अवतार देखने को मिला है। इस दौरान रोबोटिक डॉग्स और सेना के ट्रेंड K9 डॉग्स एक साथ एक्शन में दिखे। ये सबूत है कि भारतीय सेना अब नई तकनीक और अपनी पुरानी ताकत को एक साथ लेकर चल रही है। यह देखना मजेदार होगा कि मिलिट्री अभ्यास में मशीन और असली डॉग्स की यह जुगलबंदी कैसे काम करती है।

विस्तार
मिलिट्री ऑपरेशंस अब सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं रहे। आने वाले समय में होने वाले युद्ध के लिए अब तकनीक और रोबोटिक्स दोनों की जरूरत होगी। हाल ही में हुई बहुराष्ट्रीय मिलिट्री एक्सरसाइज 'प्रगति 2026' में इसकी एक साफ तस्वीर नजर आई।
इस ड्रिल में भारतीय सेना के मिलिट्री डॉग्स K9 यूनिट के साथ रोबोटिक डॉग्स ने भी फील्ड पर अपनी क्षमता दिखाई। यह इस बात का सीधा उदाहरण है कि सेना अब उभरती हुई तकनीक और अपने जैविक संपत्तियों को एक साथ इस्तेमाल करने की क्षमता रखती है।
रोबोटिक्स और प्रशिक्षित जानवरों का अनूठा संगम
अभ्यास का रोमांचक पल रोबोटिक डॉग्स और असली डॉग्स का एक साथ काम करते देखना था। भारतीय सेना अब मशीन और जानवरों की खूबियों को मिलाकर एक ऐसा इकोसिस्टम बना रही है जो हाई-रिस्क जोन में काम आ सके। रोबोटिक प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल उन जगहों पर डेटा जुटाने या निगरानी के लिए किया जा सकता है, जहां इंसानों या असली जानवरों को भेजना खतरनाक हो सकता है। यह तकनीक और परंपरा का एक बेहतरीन संयोजन है।
एडवांस बायोलॉजिकल सेंसर्स: सेना के K9 डॉग्स
रोबोट्स के अलावा, सेना के प्रशिक्षत डॉग्स किसी भी एडवांस सेंसर से कम नहीं हैं। ड्रिल में मुख्य रूप से तीन डॉग्स ने अपनी खास स्किल्स का प्रदर्शन किया:
एलेन (बेल्जियन मैलिनोइस):
यह एक असॉल्ट डॉग है, जिसे हमले और इंटरवेंशन ऑपरेशंस में तुरंत रिएक्ट करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
देव (लैब्राडोर):
इसका काम बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों (आईईडी) का सटीक पता लगाना है।
विक्टर (रामपुर हाउंड):
यह एक बेहतरीन ट्रैकर डॉग है, जो दुश्मन के मूवमेंट को आसानी से ट्रैक कर सकता है।
ऑपरेशंस में देशी नस्ली डॉग्स का इस्तेमाल
तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सेना अपने ऑपरेशंस में देसी नस्ली डॉग्स का इस्तेमाल भी बढ़ा रही है। विक्टर (रामपुर हाउंड) का इस ड्रिल में शामिल होना इसी रणनीति का हिस्सा है। ये भारतीय नस्लें जेनेटिक रूप से काफी मजबूत होती हैं। ये खुद को अलग-अलग मौसम के हिसाब से ढाल लेती हैं और बीमारियों से बची रहती हैं।
हर इलाके के लिए तैयार हाइब्रिड मॉडल
रोबोट्स और K9 डॉग्स को मिलाकर बना सेना का यह हाइब्रिड मॉडल हर तरह के हालात के लिए एकदम फिट है। रेगिस्तान की झुलसाने वाली गर्मी हो या ग्लेशियर की जमा देने वाली ठंड, इन्हें हर जगह काम करने के हिसाब से ही तैयार किया गया है। विस्फोटकों का पता लगाने से लेकर दुश्मनों को ट्रैक करने तक में, ये डॉग्स तेजी और वफादारी के साथ मिशन को पूरा करते हैं। प्रगति 2026 ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य के मिलिट्री ऑपरेशंस में रोबोटिक्स, डेटा और प्राकृतिक समझ का एक साथ होना कितना जरूरी है।