Google: गूगल की स्पैम पॉलिसी को लेकर यूरोपीय संघ ने शुरू की एंटीट्रस्ट जांच, दोषी पाए गए तो होगा भारी जुर्माना
गूगल पर यूरोपीय यूनियन ने उसके स्पैम पॉलिसी को लेकर एंटीट्रस्ट जांच शुरू कर दी है। प्रकाशकों का कहना है कि इस नीति से उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है। दोषी पाए जाने पर गूगल पर भारी जुर्माना लग सकता है।

विस्तार
गूगल पर यूरोपीय संघ (यूरोपीय यूनियन) ने उसके स्पैम पॉलिसी को लेकर एंटीट्रस्ट जांच शुरू कर दी है। प्रकाशकों का कहना है कि इस नीति से उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है। अगर गूगल दोषी पाया गया तो उसे भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है।
क्या हुआ?
गूगल ने पिछले साल मार्च से उन कंपनियों पर सख्ती शुरू की थी जो सर्च रिजल्ट्स में रैंकिंग बढ़ाने के लिए ट्रिक्स इस्तेमाल कर रही थीं। इसकी नई पॉलिसी साइट पर थर्ड पार्टी पेज डालकर रैंकिंग बढ़ाने की कोशिश को रोकती है, जिसे पैरासाइट एसईओ (SEO) कहा जाता है।
यूरोपीय संघ का मामले पर क्या कहना है?
गूगल न्यूज साइट्स और प्रकाशकों की रैंकिंग गिरा रहा है अगर वे कमर्शियल पार्टनर का कंटेंट डालते हैं। इससे प्रकाशकों की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है। यूरोपीय संघ एंटीट्रस्ट चीफ ने कहा "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गूगल डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) का पालन करे"।
गूगल ने क्या जवाब दिया?
गूगल ने कहा कि जांच "गलत दिशा में है" और इससे सर्च रिजल्ट्स की क्वालिटी खराब होगी। गूगल सर्च के चीफ साइंटिस्ट ने ब्लॉग में लिखा कि "हमारी एंटी स्पैम पॉलिसी सही और जरूरी है"। जर्मन कोर्ट ने भी पहले इस पॉलिसी को वैध माना था।
क्यों है ये बड़ी बात?
डिजिटल मार्केट्स एक्ट के तहत नियम तोड़ने पर कंपनियों को उनकी ग्लोबल सेल्स का 10% तक जुर्माना लग सकता है। कई यूरोपीय मीडिया संघो ने भी शिकायत की है कि गूगल की पॉलिसी से उनकी साइट्स को नुकसान हो रहा है।