SAP: यूरोपीय आयोग ने जर्मन सॉफ्टवेयर दिग्गज सैप के खिलाफ शुरू की एंट्रीट्रस्ट जांच, जानें पूरा मामला
यूरोपीय आयोग ने सैप के ऑन-प्रेम सॉफ्टवेयर सपोर्ट सर्विसेज की जांच शुरू की, जिससे कंपनी के शेयरों में 2% की गिरावट दर्ज हुई। जानें क्यों यूरोपिय यूनियन अब घरेलू टेक दिग्गजों पर भी निगरानी कड़ी कर रहा है?

विस्तार
यूरोपीय आयोग ने जर्मनी की सॉफ्टवेयर कंपनी सैप (SAP) के खिलाफ जांच शुरू की है। आरोप है कि कंपनी की मेंटेनेंस और सपोर्ट सर्विसेज से जुड़ी नीतियां बाजार में सही प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आयोग इस बात की जांच करेगा कि सैप का ऑन-प्रेमाइसेज ईआरपी (ईआरपी) सॉफ्टवेयर सपोर्ट सेवाओं के क्षेत्र में प्रतियोगिता को कहीं अनुचित तरीके से तो नहीं रोक रहा है। गौरतलब है कि ईआरपी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बड़ी कंपनियां रोजमर्रा के काम जैसे अकाउंटिंग और वित्तीय प्रबंधन के लिए करती हैं।
सैप का मामले पर क्या कहना है?
सैप ने कहा कि उसकी नीतियां यूरोपीय संघ (EU) के प्रतिस्पर्धा नियमों के अनुसार हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि वह आयोग के साथ पूरा सहयोग कर रही है और उसे नहीं लगता कि इस जांच का उनके वित्तीय हालात पर कोई बड़ा असर पड़ेगा।
मार्केट पर इसका क्या असर पड़ेगा?
सैप यूरोप की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है, जिसकी मार्केट कैप करीब 282 अरब यूरो (331 अरब डॉलर) है। लेकिन जांच की घोषणा के बाद गुरुवार को इसके शेयरों में 2% की गिरावट देखी गई।
एंट्रीट्रस्ट जांच ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
सैप ईआरपी सॉफ्टवेयर बाजार में एक बड़ा खिलाड़ी है, लेकिन उसे माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। यह जांच खासकर ईआरपी के ऑन-प्रेमाइसेज संस्करण पर है, जो कंपनियों के अपने सर्वर पर चलता है। सैप पिछले कुछ वर्षों से क्लाउड सेवाओं पर भी ध्यान दे रहा है, लेकिन यहां भी माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला करना पड़ रहा है।
क्यों है यह जांच अहम?
अब तक यूरोपीय संघ (EU) की एंट्री ट्रस्ट जांचें ज्यादातर अमेरिकी टेक कंपनियों पर होती रही हैं। लेकिन सैप के खिलाफ यह कार्रवाई दिखाती है कि यूरोपीय संघ अब अपने ही घरेलू बड़ी टेक कंपनियों पर भी कड़ी नजर रख रहा है।