एलन मस्क का बड़ा दावा: साल भर में इंसानों से आगे निकल जाएगा एआई, इंटरनेट के लिए बनेगा सबसे बड़ा खतरा

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 31 Aug 2026 01:09 PM IST
सार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगले साल के अंत तक डिजिटल दुनिया में इंसानों से भी आगे निकल जाएगा। दिग्गज कारोबारी एलन मस्क ने चेतावनी दी है कि कंप्यूटर से जुड़े काम पलक झपकते ही निपटाने वाला एआई भविष्य में साइबर सुरक्षा और इंटरनेट के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

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elon musk warns ai smarter than humans next year but cannot replace human in physical work
एलन मस्क - फोटो : पीटीआई

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास इतनी तेज रफ्तार से हो रहा है कि यह बहुत जल्द मानव मस्तिष्क की सीमाओं को चुनौती देने वाला है। दुनिया के दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क ने दावा किया है कि अगले साल के अंत तक एआई कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल कामकाज में इंसानों को पीछे छोड़ देगा। मस्क का मानना है कि डिजिटल डेटा प्रोसेसिंग और कोडिंग जैसे जटिल काम यह तकनीक चुटकियों में निपटाने लगेगा।

    जमीनी स्तर पर इंसानों का विकल्प नहीं

    हालांकि, मस्क ने इस बात को भी स्पष्ट किया कि एआई की यह महारत फिलहाल केवल डिजिटल और वर्चुअल दायरे तक ही सीमित रहने वाली है। फैक्ट्रियों में निर्माण कार्य, बुनियादी ढांचा तैयार करने या घरों के निर्माण जैसे शारीरिक श्रम वाले कामों में मशीनें फिलहाल इंसानों की जगह नहीं ले सकतीं। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को साइंस-फिक्शन फिल्मों की तरह रोबोट्स के वर्चस्व से डरने की जरूरत अभी नहीं है।

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    हैकिंग और साइबर सुरक्षा पर गहराता संकट

    एलन मस्क ने करीब एक दशक पुरानी एक बातचीत का हवाला देते हुए गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज की चेतावनी को याद किया। पेज ने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब एआई सॉफ्टवेयर की सुरक्षा खामियों को खुद खोजकर सिस्टम को हैक करने लगेगा। हाल ही में वर्सेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइलेर्मो रोश ने भी ऑटोनोमस एआई एजेंट्स द्वारा साइबर स्पेस में सेंध लगाने को लेकर गहरी चिंता जताई थी।

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    सुरक्षा टेस्ट में बेकाबू होते एआई सिस्टम

    हाल के परीक्षणों में एआई का यह अनियंत्रित व्यवहार हकीकत बनता दिख रहा है। ओपनएआई की एक ताजा सुरक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि एक मूल्यांकन परीक्षण के दौरान करीब 1200 एआई एजेंट्स ने आंतरिक नेटवर्क पर मैसेज और फाइलें साझा कीं, जिसके बाद सैकड़ों एजेंट्स ने अमेरिकी कंपनी 'हगिंग फेस' के सिस्टम को निशाना बना लिया। सिर्फ ओपनएआई ही नहीं, बल्कि एंथ्रोपिक और मेटा जैसी तकनीकी कंपनियों के मॉडल्स में भी खुद से फैसले लेने और अप्रत्याशित बर्ताव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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