'गेम खेलें या बने रहें बेवकूफ': क्या गेम खेलने से दिमाग तेज होता है? मस्क के नए पोस्ट से इंटरनेट पर छिड़ी बहस

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 16 Sep 2026 02:07 PM IST
सार

दुनिया के सबसे अमीर एलन मस्क ने एक शोध का हवाला देते हुए कहा है कि वीडियो गेम्स खेलने वाले लोग न खेलने वालों से ज्यादा बुद्धिमान होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास दो विकल्प हैं, गेम खेलकर दिमागी क्षमता बढ़ाएं या बेवकूफ बने रहें।

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एलन मस्क - फोटो : X

    विस्तार

    वीडियो गेम को आमतौर पर मनोरंजन का साधन माना जाता है, लेकिन एलन मस्क ने इसे लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक अध्ययन के हवाले से मस्क ने कहा कि गेम खेलने वाले लोग न खेलने वालों से अधिक स्मार्ट होते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि गेम न खेलने वाले लोग मूर्ख बने रहते हैं।

    वीडियो गेम्स के बारे में क्या बोले मस्क?

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वैज्ञानिक शोध पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने साफ शब्दों में कहा कि इंसान के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं, या तो वह वीडियो गेम खेले या फिर जिंदगी भर बेवकूफ बना रहे। उनका यह बयान एक हालिया अध्ययन के संदर्भ में आया है, जिसमें व्यायाम और वीडियो गेम खेलने से मानसिक स्वास्थ्य और दिमागी क्षमता पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का गहराई से विश्लेषण किया गया है।

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    गेमर्स का दिमाग होता है ज्यादा तेज

    इस शोध में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जो लोग नियमित रूप से वीडियो गेम खेलते हैं, उनकी दिमागी क्षमता आम लोगों से कहीं बेहतर होती है। अध्ययन के अनुसार, गेमर्स की शॉर्ट-टर्म मेमोरी, किसी भी समस्या को सुलझाने की तर्क क्षमता, प्रोसेसिंग स्पीड और समग्र कॉग्निटिव परफॉर्मेंस उन लोगों की तुलना में बहुत अधिक तेज होती है जो गेमिंग से बिल्कुल दूर रहते हैं।

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    शोधकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि शारीरिक गतिविधि और वीडियो गेमिंग जैसी सामान्य आदतें किस तरह एक इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी और दिमागी विकास को प्रभावित करती हैं। इस जांच में यह पूरी तरह साबित हुआ कि गेमिंग दिमागी कसरत का एक बहुत प्रभावी माध्यम है।

    हजारों लोगों पर किया गया परीक्षण

    साल 2025 में प्रकाशित हुए इस महत्वपूर्ण अध्ययन में शुरुआत में छब्बीस सौ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। हालांकि, सटीक आंकड़े प्राप्त करने के लिए शोधकर्ताओं ने अधूरी और असामान्य प्रतिक्रियाओं को हटा दिया। अंत में सिर्फ 923 प्रतिभागियों के डेटा का ही अंतिम विश्लेषण किया गया। इन सभी चुने हुए लोगों से उनकी शारीरिक गतिविधियों और गेमिंग की आदतों को लेकर कई तरह के सवालों के जवाब मांगे गए थे। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि गेमिंग और दिमागी विकास के बीच के इस सीधे संबंध को पूरी तरह से प्रमाणित करने के लिए अभी और भी लंबे समय तक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

    बचपन से ही गेमर रहे हैं एलन मस्क

    एलन मस्क का वीडियो गेम्स के प्रति यह प्रेम कोई नया नहीं है। वह बचपन से ही वीडियो गेम्स खेलते आए हैं। उन्होंने मात्र बारह साल की उम्र में खुद से एक गमे बनाया था और उसे 500 डॉलर में बेच दिया था। इसके बाद साल 1994 में मस्क ने रॉकेट साइंस गेम्स नाम की एक कंपनी में प्रोग्रामर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्होंने जॉयस्टिक और माउस के लिए डिवाइस ड्राइवर लिखने का काम किया।

    मस्क कई बार इस बात का भी जिक्र कर चुके हैं कि वीडियो गेम्स ने उनके वास्तविक जीवन के कई बड़े प्रोजेक्ट्स को प्रेरित किया है। उनके सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक टेस्ला साइबरट्रक का डिजाइन और इसका शानदार लुक सीधे तौर पर लोकप्रिय गेम साइबरपंक से प्रेरित है।

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