AI: मस्क ने लॉन्च किया एआई एन्साइक्लोपीडिया प्लेटफॉर्म ग्रोकपीडिया; क्या खत्म हो जाएगी विकिपीडिया की बादशाहत?

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Tue, 28 Oct 2025 03:34 PM IST
सार

एलन मस्क ने एक एआई आधारित एन्साइक्लोपीडिया ग्रोकपीडिया लॉन्च किया है, जो विकिपीडिया को टक्कर देगा। जानिए दोनों प्लेटफॉर्म्स में क्या अंतर है और कौन देगा ज्यादा भरोसेमंद जानकारी?

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Elon musk launched ai encyclopedia platform grokipedia
xAI Grok AI - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    टेक दिग्गज एलन मस्क ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एक्सएआई (xAI) के तहत नया प्लेटफॉर्म ग्रोकपीडिया 0.1 लॉन्च किया। यह एक एआई-संचालित ऑनलाइन एन्साइक्लोपीडिया है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी नॉलेज वेबसाइट विकीपीडिया का सीधा प्रतिद्वंद्वी बताया जा रहा है। मस्क का दावा है कि ग्रोकपीडिया "तेज, तथ्यात्मक और पक्षपात-रहित जानकारी" देगा।

    ग्रोकपीडिया क्या है?

    ग्रोकपीडिया, एलन मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई के ग्रोक मॉडल पर आधारित है, वही मॉडल जो पहले से ही उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में इंटीग्रेटेड है। इसके शुरुआती वर्जन में 8 लाख से अधिक एंट्रीज शामिल हैं। हालांकि विकीपीडिया के पास केवल अंग्रेजी में ही 60 लाख से अधिक लेख हैं, लेकिन मस्क का कहना है कि यह तो "बस शुरुआत है।" उन्होंने एक्स पर लिखा, "भविष्य का वर्जन 1.0, अभी मौजूद वर्जन 0.1 से 10 गुना बेहतर होगा। लेकिन मेरी राय में, यह अभी भी विकीपीडिया से बेहतर है।"

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    तुलना बिंदुविकीपीडियाग्रोकपीडिया
    मॉडलओपन-सोर्स, कम्युनिटी-ड्रिवन

    एआई-संचालित, ऑटोमेटेड

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    कंटेंट निर्माण

    दुनियाभर के वॉलंटियर्स के जरिएएआई एल्गोरिदम के जरिएपारदर्शिताओपन एडिटिंग और चर्चा का मंचऑटोमेटेड (सीमित मानव हस्तक्षेप)पक्षपात (बायस)कभी-कभी वैचारिक झुकाव की आलोचना

    मस्क के अनुसार "पक्षपात रहित"कंटेंट की संख्या (अंग्रेजी)60 लाख से ज्यादा लेख

    लॉन्च पर 8 लाख से ज्यादा लेख

    विकीपीडिया बीते दो दशकों से ज्ञान और पारदर्शिता का वैश्विक स्रोत रही है। यह ओपन कम्युनिटी मॉडल पर चलता है, जहां लाखों वॉलंटियर्ड लेख लिखे, संशोधित और सत्यापित किए जाते हैं। दूसरी ओर, ग्रोकपीडिया का पूरा ढांचा एआई-जनरेटेड और टॉप-डाउन है, यानी जानकारी मुख्य रूप से एल्गोरिदम के माध्यम से तैयार की जाती है। एलन मस्क का दावा है कि यह मॉडल "पक्षपात और ब्यूरोक्रेसी" को खत्म करेगा। लेकिन ग्रोकपीडिया के कई लेखों में विकीपीडिया की सामग्री को हूबहू दोहराया गया है, जिससे इसकी मौलिकता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सीमाएं और चुनौतियां

    विकीपीडिया एक गैर-लाभकारी संस्था (विकिमीडिया फाउंडेशन) के जरिए संचालित है, जिसका उद्देश्य ज्ञान को मुफ्त और सभी के लिए आसान बनाना है। इसके विपरीत, ग्रोकपीडिया एक कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट है, जिसका संचालन पूरी तरह एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई के जरिए किया जा रहा है। इस वजह से यह बहस छिड़ी है कि क्या एआई-आधारित मॉडल मानव सहयोग से बेहतर और भरोसेमंद साबित हो सकता है?

    भविष्य की दिशा

    फिलहाल ग्रोकपीडिया एक प्रयोगात्मक प्लेटफॉर्म है। मस्क का लक्ष्य है कि एआई के जरिए ज्ञान को और तेज, सटीक और सरल बनाया जाए। अगर यह सफल होता है, तो यह ऑनलाइन नॉलेज प्लेटफॉर्म्स के लिए एआई क्रांति की शुरुआत हो सकती है। लेकिन इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी इसको सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाए रखना। ग्रोकपीडिया और विकिपीडिया, दोनों ही ज्ञान के दो अलग स्तंभों को दिखाते हैं, एक तरफ है इंसानों के जरिए लिखा गया ओपन सोर्स ज्ञान, और दूसरी ओर एआई के जरिए नियंत्रित ऑटोमेटिक जेनरेटेड जानकारी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में मानव बुद्धि और एआई में से कौन ज्ञान का असली और भरोसेमंद स्रोत बनता है।

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