Election 2024: लोकसभा चुनाव के लिए जुकरबर्ग ने कसी कमर, फेसबुक-इंस्टाग्राम पर नजर रखेगी 40,000 लोगों की टीम

Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्लीHarendra Chaudhary
Wed, 20 Mar 2024 04:32 PM IST
सार

फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने भी चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कंपनी चुनाव के दौरान भ्रामक खबरों, फोटो और वीडियो पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए कंपनी इंडिया स्पेसिफिक इलेक्शंस ऑपरेशंस सेंटर को एक्टिव करेगी...

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election 2024: Facebook parent company Meta has also started preparations for the elections
Election 2024: मार्क जुकरबर्ग - फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht

    विस्तार

    भारत में लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है। राजनीतिक दल भी सोशल मीडिया से लेकर डोर-टू-डोर प्रचार अभियान में जोर-शोर के साथ जुट गए हैं। इसी बीच फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने भी चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कंपनी चुनाव के दौरान भ्रामक खबरों, फोटो और वीडियो पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए कंपनी इंडिया स्पेसिफिक इलेक्शंस ऑपरेशंस सेंटर को एक्टिव करेगी, ताकि गलत खबरों की पहचान की जा सके और उन्हें तत्काल सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटाया जा सके।

    मेटा का कहना है कि देश में आम चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी रखने में वह अपनी तरफ से पूरा सहयोग करेगी। कंपनी एप्लिकेशन और तकनीकी प्लेटफॉर्म पर लोगों को गुमराह करने वाली खबरों हटाने के लिए खास इंतजाम करेगी। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी चुनाव में बेजा इस्तेमाल न हो इस पर भी काम किया जाएगा। चुनाव में मतदाताओं को गुमराह करने वाली खबरें फैलने से रोकने के लिए कई कदम उठाएगी।

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    लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए कंपनी एक खास कंट्रोल रूम स्थापित करने जा रही है। इसमें हर क्षेत्र के विशेषज्ञ लोग शामिल होंगे। इनमें जासूसी के मामले समझने वाले, आंकड़ों के वैज्ञानिक, इंजीनियर, रिसर्च करने वाले, कानून और कंटेंट से जुड़े लोग शामिल होंगे। ये सभी मिलकर चुनाव के दौरान होने वाली परेशानियों को पहले ही पहचानने की कोशिश करेंगे और उन्हें रोकने के तरीके भी खोजेंगे।

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    कंपनी का कहना है कि वह चुनाव के दौरान गलत जानकारी फैलने से रोकने और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने की कोशिश करेगी। दुनिया भर में बचाव और सुरक्षा जैसे विषयों पर 40,000 लोगों के साथ मिलकर काम कर रही है। इनमें कंटेंट को चेक करने वाले 15,000 लोग भी शामिल हैं, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स जैसे प्लेटफॉर्म पर 70 भाषाओं में काम कर रहे हैं। इनमें 20 भारतीय भाषाएं भी शामिल हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि वह भारत में फैक्ट-चेकिंग टीम का विस्तार कर रही है। इस काम के लिए भारत में हमने 16 साझेदारों से हाथ मिलाया है, जो 16 भाषाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। किसी देश के लिए हमारी यह सबसे बड़ी व्यवस्था है। मेटा ने कहा कि वह गूगल, ओपन आई, माइक्रोसॉफ्ट, अडोबी, मिड जर्नी और शटरस्टॉक द्वारा एआई से तैयार तस्वीरों की पहचान करने के लिए नई तकनीक तैयार कर रही है।

    कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स से गलत और भ्रामक जानकारी हटाएगी। ये ऐसी जानकारी होगी, जो लोगों को वोट डालने से रोक सकती है, या फिर हिंसा पहुंचाने वाली खबर हो सकती है। इसके अलावा कई धर्मों से जुड़े जो भ्रामक कंटेंट उपलब्ध है, तो उन्हें भी कंपनी हटाएगी।

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