दिल्ली हाईकोर्ट में ईडी का वीवो पर बड़ा आरोप, कहा- मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल है चीनी कंपनी
ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि जांच में वीवो इंडिया पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने के सबूत मिले हैं, जो कि देश की वित्तीय प्रणाली के लिए खतरा है और बड़ा अपराध है।

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चीनी कंपनियों को लेकर प्रवर्तक निदेशक (ईडी) और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का रवैया हमेशा से सख्त रहा है। इन कंपनियों पर पहले से ही टैक्स चोरी के आरोप भी लगते रहे हैं। अब ईडी ने वीवो पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया है।
ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि जांच में वीवो इंडिया पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने के सबूत मिले हैं, जो कि देश की वित्तीय प्रणाली के लिए खतरा है और बड़ा अपराध है। ईडी ने अपने हलफनामे में बताया कि 22 चाईनीज फर्मों पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है। दरअसर इस फर्मों पर चीन को पैसा भेजने का आरोप भी लगा है।
वीवो ने बैंक अकाउंट फ्रीज करने को बताया था गलत
ईडी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के बैंक खातों को फ्रीज करते समय सभी जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है, इसे अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता है। वीवो ने ईडी द्वारा उनके बैंक अकाउंट को फ्रीज करने की प्रकिया को गलत बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती ती थी। जिसके बाद कोर्ट से वीवो को 950 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी प्रस्तुत करने के लिए फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट्स को संचालित करने की अनुमति मिली थी।
इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट कोर्ट ने ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की रिपोर्ट पेश करने को कहा था। कोर्ट ने ये भी कहा कि बैंक गारंटी सात दिनों के भीतर जमा कर दी जाएगी। इस बीच ईडी अपना जवाब दाखिल कर दे।
वीवो के 44 ठिकानों पर पड़ा था ईडी का छापा
ईडी ने 6 जुलाई को वीवो के देशभर में 44 ठिकानों में छापा मारी की थी। इसके बाद कंपनी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी की ओर से कंपनी के खातों को सील करने के फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।