डिजिटल इंडिया आम आदमी को लाभ पहुंचाने वाला एक अनुप्रयोग, ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट में मीनाक्षी लेखी
विदेश राज्य मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत के लिए, 'वसुधैव कुटुम्बकम' और 'अंत्योदय' लोगों की सेवा करने और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के दो महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं।

विस्तार
केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने बुधवार को कहा कि डिजिटल इंडिया का कार्यान्वयन एक बहिष्करण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी का एक अनुप्रयोग है। यह उन लोगों को संभालने के लिए शासन को भी ताकत देता है जो चोरी में शामिल हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने यह बात कार्नेगी इंडिया द्वारा आयोजित ग्लोबल टेक समिट 2022 में कही।
सातवीं ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट में भाषण देते हुए मीनाक्षी लेखी ने डाटा का भी हवाला दिया और कहा कि टेक्नोलॉजी ने बड़ी संख्या में फेक अकाउंट को उजागर करने में सरकार की मदद की है, जिसके माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उन लोगों द्वारा उठाया जा रहा था जो इसके हितधारक ही नहीं थे।
डिजिटल इंडिया को समझने के लिए तकनीक की समझ आवश्यक नहीं- लेखी
विदेश राज्य मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि डिजिटल इंडिया का कार्यान्वयन एक बहिष्करण प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया नहीं है जिसे समझने के लिए आपको तकनीक की समझ होनी चाहिए। यह एक आम आदमी के लाभ के लिए टेक्नोलॉजी का एक अनुप्रयोग है। और यह वह प्रयोग है जो प्रशासन को उसकी देखभाल और पोषण करने वाला रवैया दे सकता है। साथ ही इसकी मदद से ऐसे लोग जो नकली कार्ड रखते हैं या नकली गतिविधियों की मदद से लाभ ले रहे हैं, उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक सुशासन के उद्देश्य को पूरा कर रही है और यह उन लोगों तक भी पहुंच रही है, जो अभी तक पिछड़े हुए थे। साथ ही डिजिटल तकनीक से सिस्टम के उन लोगों को भी कंट्रोल किया जा सकता है, जो चोरी कर रहे हैं। मंत्री का यह भी कहना है कि भारत के लिए, 'वसुधैव कुटुम्बकम' और 'अंत्योदय' लोगों की सेवा करने और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के दो महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट 2022
बता दें कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट 2022 तीन दिन तक चलने वाला है। कार्यक्रम के तीन दिन के दौरान प्रौद्योगिकी, सरकार, सुरक्षा, अंतरिक्ष, स्टार्टअप, डाटा, कानून, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, शिक्षाविदों, अर्थव्यवस्था आदि में दुनिया के अग्रणी विशेषज्ञ प्रौद्योगिकी और इससे जुड़े अहम सवालों को उठाएंगे और उन पर चर्चा करेंगे। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी विदेश मंत्रालय और कारनेगी इंडिया कर रहे हैं।