दूरसंचार विभाग ने लॉन्च किया भारत 6G एलायंस प्लेटफॉर्म, अगली जनरेशन की वायरलेस तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उभरते क्षेत्र के रूप में दूरसंचार क्षेत्र के लिए कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया टेक्नोलॉजी के उस रास्ते पर चल रही है जिसका अनुसरण भारत कर रहा है।

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दूरसंचार विभाग ने अगली जनरेशन की वायरलेस तकनीक में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत 6G एलायंस को लॉन्च कर दिया है। भारत 6G एलायंस (B6GA) एक सहयोगी प्लेटफॉर्म है जिसमें सार्वजनिक और निजी कंपनियां, शिक्षाविद, अनुसंधान संस्थान और मानक विकास संगठन शामिल हैं। मोबाइल सर्विस में भारत ने 2G से 3G, 4G से 5G में परिवर्तन देखा गया है और अब अगला पड़ाव 6G है।
भारत 6G एलायंस प्लेटफॉर्म
केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को भारत 6G एलायंस की घोषणा की। भारत 6जी एलायंस की वेबसाइट भी लॉन्च की गई। सरकार के मुताबिक, भारत 6G एलायंस अन्य 6जी ग्लोबल एलायंस के साथ गठबंधन और तालमेल बनाएगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य तकनीकी आवश्यकताओं से परे 6जी की व्यावसायिक और सामाजिक जरूरतों को समझना, इन जरूरतों पर आम सहमति को बढ़ावा देना और हाई-इंपैक्ट वाले ओपन रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) पहल को बढ़ावा देना है। B6GA का लक्ष्य भारतीय स्टार्टअप्स, कंपनियों और मेन्यूफेक्चरिंग इको सिस्टम को एक साथ लाकर भागीदारी स्थापित करना है जो भारत में 6G टेक्नोलॉजी की डिजाइन, विकास और तैनाती संचालित करता है।
इस अवसर को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उभरते क्षेत्र के रूप में दूरसंचार क्षेत्र के लिए कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया टेक्नोलॉजी के उस रास्ते पर चल रही है जिसका अनुसरण भारत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 6G एलायंस के तहत इनोवेशन के लिए रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जो दो फेज में पूरा होगा। पहला फेज 2023-2025 और फेज-2 2025 से 2030 तक पूरा होगा। यानी भारत में 2030 तक 6G सर्विस शुरू हो जाएगी।
पिछले साल लॉन्च हुआ 5G
भारत में एक अक्टूबर 2022 में देश में हाई-स्पीड 5G सर्विस को लॉन्च किया गया और इसी महीने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर ने सेवा की शुरुआत की। सरकार ने अगस्त 2022 में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को स्पेक्ट्रम आवंटन पत्र जारी किया और उन्हें देश में 5G सेवाओं के रोलआउट के लिए तैयार रहने के लिए कहा। दूरसंचार विभाग को 5G स्पेक्ट्रम नीलामी से कुल 1.50 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई थीं। दूरसंचार क्षेत्र हाई टेक्नोलॉजिकल प्रयोग के साथ एक लगातार विकसित होने वाला क्षेत्र है। इसने वायर-लाइन से मोबाइल सेवाओं तक परिवर्तन देखा है।
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