DeepSeek: चीन के डीपसीक चैटबॉट ने मचाया धमाल, एपल और गूगल चार्ट्स के टॉप पर पहुंचा

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Tue, 30 Sep 2025 07:29 PM IST
सार

चीन का नया एआई चैटबोट एप डीपसीक एपल एप स्टोर और गूगल प्ले पर टॉप पर पहुंच गया है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या अमेरिका एआई रेस में आगे रहेगा या चीन नई लीड लेगा?

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Deepsek chatbot rose to the top of the Apple App Store and Google Play store charts
Deepseek - फोटो : Adobe Stock

    विस्तार

    चीन की एआई लैब डीपसीक ने सबका ध्यान खींचा जब इसका चैटबोट एप एपल एप स्टोर और गूगल प्ले दोनों पर टॉप पर पहुंच गया। डीपसीक के एआई मॉडल्स ने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स और वॉल स्ट्रीट विशेषज्ञों को यह सवाल उठाने पर मजबूर किया है कि क्या अमेरिका एआई की दौड़ में अपनी बढ़त बनाए रख पाएगा और एआई चिप की मांग कितनी लंबे समय तक बनी रहेगी?एआई लैब डीपसीक की शुरुआत

    डीपसीक की स्थापना हाई-फ्लायर कैपिटल मैनेजमेंट ने की थी, जो एक चीनी क्वांटिटेटिव हेज फंड है। इस फंड का इस्तेमाल एआई एल्गोरिदम के जरिए ट्रेडिंग फैसले लेने में होता है। एआई विशेषज्ञ लियांग वेनफेंग ने 2015 में हाई-फ्लायर की शुरुआत की और 2019 में इसे हेज फंड के रूप में लॉन्च किया। 2023 में हाई-फ्लायर ने डीपसीक को अलग लैब के रूप में शुरू किया, जो एआई टूल्स पर शोध करती है। कंपनी ने खुद का डेटा सेंटर बनाया और मॉडल ट्रेनिंग शुरू की। हालांकि, अमेरिकी एक्सपोर्ट प्रतिबंधों के कारण उन्हें एनवीडिया H800 चिप पर ट्रेनिंग करनी पड़ी।अब तक के लॉन्च हुए मुख्य मॉडल्स

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    • नवंबर 2023 में डीपसीक कोडर, डीपसीक एलएलएम, डीपसीक चैट लॉन्च हुए।
    • डीपसीक-वी2– सस्ता और तेज होने के साथ-साथ ये टेक्स्ट और इमेज एनालिसिस में भी एक्सपर्ट है।
    • दिसंबर 2024 में डीपसीक-वी3 लॉन्च हुआ जो मेटा और ओपनएआई के मॉडल्स से बेहतर माना जाता है।
    • जनवरी 2025 में आर1 रीजनिंग मॉडल लॉन्च हुआ जो खुद फैक्ट चेक करने में सक्षम है, ये मॉडल विज्ञान, गणित और फिजिक्स के कामों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

    डीपसीक की लोकप्रियता बढ़ी

    मार्च 2025 में डीपसीक ने 16.5 मिलियन विजिट्स पार की। हगिंग फेस प्लेटफॉर्म पर डेवलपर्स ने 500 से अधिक डेरिवेटिव मॉडल्स बनाए, जिनके 2.5 मिलियन डाउनलोड हुए। डीपसीक की सफलता ने एनवीडिया के शेयर को 18% गिरा दिया और ओपनएआई के सीईओ सैम अल्टमैन को प्रतिक्रिया देने पर मजबूर किया। माइक्रोसॉफ्ट ने इसे अपने एज्योर एआई फाउंडरी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया।सुरक्षा पर संदेह बरकरार

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    डीपसीक के मॉडल्स चीन की इंटरनेट रेगुलेटरी बॉडी से मॉनिटर किए जाते हैं। उदाहरण के लिए आर1 तियानमेन स्क्वायर या ताइवान से संबंधित सवालों का जवाब नहीं देता। कुछ देश जैसे साउथ कोरिया और न्यूयॉर्क और कुछ कंपनियां भी इसे सरकारी उपकरणों पर इस्तेमाल करने से रोक चुके हैं। अमेरिकी सरकार भी इसे लेकर सतर्क है।

    डीपसीक ने एआई की दुनिया में तेजी से पहचान बनाई है। हालांकि, भविष्य में यह देखना बाकी है कि वैश्विक डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच यह कितनी लंबी सफलता हासिल कर पाएगा।

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