डीपफेक: कंपनियों की सुस्ती पर सख्ती, दो दिन में दिशा-निर्देश, दूसरी बैठक में सोशल मीडिया के कदमों का मूल्यांकन
डीपफेक बनाना सीआरपीसी के तहत जालसाजी है। इसके लिए आईपीसी के तहत भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सरकार ने साफ किया कि वह इस मामले में 'शून्य सहिष्णुता' की नीति जारी रखेगी।

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इंटरनेट व सोशल मीडिया पर डीपफेक सामग्री फैलने से रोकने के लिए केंद्रीय आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में बताया कि सरकार के निर्देशों के 100 प्रतिशत अनुपालन के लिए 2 दिन में दिशा-निर्देश जारी होंगे। यह डिजिटल इंडिया डायलॉग का दूसरा चरण था। सात दिन बाद तीसरा और अंतिम चरण होगा।
वहीं 24 नवंबर की बैठक में दिए निर्देशों के अनुपालन का विश्लेषण भी किया गया। सामने आया कि कुछ कंपनियों ने तो अनुपालन किया, लेकिन कई आलस कर रही हैं। सूत्रों ने बताया कि यूजर्स को नुकसान पहुंचा रहे 11 तरह की डीपफेक सामग्री के मामले इन प्लेटफॉर्म के सामने रखे गए। उन्हें बताया गया कि मौजूदा कानूनों में ऐसी सामग्री के प्रसार के आपराधिक परिणाम हो सकते हैं।
डीपफेक बनाना सीआरपीसी के तहत जालसाजी है। इसके लिए आईपीसी के तहत भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सरकार ने साफ किया कि वह इस मामले में 'शून्य सहिष्णुता' की नीति जारी रखेगी। अगले 7 दिन में देखेगी कि निर्देशों को सोशल मीडिया कंपनियां मान रही हैं या नहीं।