Report: दुनिया में घटे डाटा उल्लंघन के मामले, भारत 5वां सबसे प्रभावित देश, कुल 53 लाख खातों में लगी सेंध

यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीयशोधन शर्मा
Wed, 28 Feb 2024 05:28 AM IST
सार

दिलचस्प बात यह है कि भारत के डाटा उल्लंघन के ये आंकड़े वर्ष 2022 की तुलना में 56 फीसदी कम हैं। माना जा रहा है कि ऐसा साइबर सुरक्षा के लिहाज से किए गए उपायों की वजह से है।

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Data breach cases decreased world India 5th most affected country
डाटा लीक (सांकेतिक) - फोटो : ??? ?????

    विस्तार

    दुनिया में साल 2023 में डाटा उल्लंघन के मामले घटे हैं। बावजूद, भारत शीर्ष पांच प्रभावित देशों में पांचवें स्थान पर है। देश में कुल 53 लाख खाता उल्लंघन के मामले सामने आए हैं।

    डाटा लीक का पता लगाने वाली नीदरलैंड स्थित सुरफशाख कंपनी की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2023 तक विभिन्न देशों में लगभग 29.980 करोड़ खातों में सेंध लगी है। इसमें सबसे शीर्ष पर संयुक्त राज्य अमेरिका (32 फीसदी) का नाम शामिल है। इसके बाद रूस, फ्रांस, स्पेन और फिर भारत का स्थान है। संयुक्त राज्य अमेरिका में 2023 में इसके 10 करोड़ मामले देखे गए, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

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    सुरफशाख के प्रमुख शोधकर्ता एग्नेस्का सबलोवस्काजा ने कहा, राहत ही बात यह है कि साल-दर-साल प्रभावित खातों में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सुरक्षा के लिहाज से ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को मजबूत पासवर्ड बनाने पर जोर दिया गया है। वहीं, अफ्रीका में डेटा उल्लंघनों में सबसे अधिक कमी देखी गई, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 88 फीसदी कम है।

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    चिंताओं के बीच दिखे सकारात्मक रुझान

    दिलचस्प बात यह है कि भारत के डाटा उल्लंघन के ये आंकड़े वर्ष 2022 की तुलना में 56 फीसदी कम हैं। माना जा रहा है कि ऐसा साइबर सुरक्षा के लिहाज से किए गए उपायों की वजह से है। वहीं, वैश्विक स्तर पर भी इन उल्लंघनों में 18 फीसदी की कमी देखी गई।

    2023 की तिमाही में यूरोप सबसे प्रभावित

    2023 की तीसरी तिमाही में यूरोप की पहचान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में की गई। इसके बाद उत्तरी अमेरिका और एशिया का स्थान रहा। वर्ष 2022 में 16 करोड़ से घटकर वर्ष 2023 में 11.66 करोड़ होने के बावजूद, यूरोप डेटा उल्लंघन के मामले में आगे रहा। उत्तरी अमेरिका के डेटा उल्लंघन में पिछले वर्ष की तुलना में 193 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि एशिया में 263 करोड़ खातों में सेंध लगाई गई।

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