Cyber Crime: आईफोन-आईपैड पर साइबर अपराधी कर रहे नियंत्रण, मेमोरी चिप में डाटा भी सुरक्षित नहीं

जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजलज मिश्रा
Sat, 28 Oct 2023 06:16 AM IST
सार

कैसपर्सकी ने थाइलैंड के फुकेट में सिक्योरिटी एनालिस्ट समिट (एसएएस) में एक शोध रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। कैसपर्सकी की ग्लोबल रिसर्च एंड एनालिसिस टीम ने अपने ऑपरेशन ट्रायंगुलेशन की रिपोर्ट में बताया कि आई-मैसेज के जरिये बिना किसी क्लिक के डिवाइस और उसके डाटा पर पूर्ण नियंत्रण हासिल किया जा सकता है।

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Cyber criminals controlling iPhone and iPad even data in memory chip not safe
Cyber Crime - फोटो : iStock

    विस्तार

    एपल के उत्पादों को निजता और साइबर हमलों के लिहाज से काफी सुरक्षित माना जाता है। लेकिन, साइबर सुरक्षा फर्म कैसपर्सकी ने ऑपरेशन ट्रायंग्युलेशन के जरिये आईफोन और आईपैड जैसे डिवाइस की सुरक्षा कमजोरियों को उजागर किया है। कैसपर्सकी के मुताबिक साइबर अपराधी युजर की जानकारी के बिना ही आईफोन पर पूरा नियंत्रण हासिल कर रहे हैं। यहां तक कि आईफोन की फिजिकल मेमोरी चिप में मौजूद डाटा को भी हासिल कर रहे हैं।

    चार कमियां नई

    कैसपर्सकी ने थाइलैंड के फुकेट में सिक्योरिटी एनालिस्ट समिट (एसएएस) में एक शोध रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। कैसपर्सकी की ग्लोबल रिसर्च एंड एनालिसिस टीम ने अपने ऑपरेशन ट्रायंगुलेशन की रिपोर्ट में बताया कि आई-मैसेज के जरिये बिना किसी क्लिक के डिवाइस और उसके डाटा पर पूर्ण नियंत्रण हासिल किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के विशेषज्ञों ने एपल की डिवाइसों पर साइबर हमले के लिहाज से पांच कमजोरियों को उजागर किया है, जिनमें से चार पूरी तरह नई हैं।

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    संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें

    विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी व्यक्तिगत विवरण को साझा करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले प्रेषक की पहचान सत्यापित जरूर करें। इसके अलावा संवेदनशील जानकारी मांगने वाले ईमेल, संदेशों या कॉल का बहुत सावधानी के साथ जवाब दें। इसके साथ ही एपल के उत्पादों को साइबर खतरों के लिहाज से अजेय न समझें।

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    फिजिकल मेमोरी तक पहुंच आसान

    विशेषज्ञों ने फॉन्ट प्रोसेसिंग लाइब्रेरी के प्रारंभिक प्रवेश बिंदु पर कमजोरी की पहचान की। इसके अलावा मेमोरी मैपिंग कोड में बड़ी कमजोरी सामने आई है, जिससे डिवाइस की फिजिकल मेमोरी तक पहुंच हासिल की जा सकती है। हमलावर नवीनतम एपल प्रोसेसर की हार्डवेयर सुरक्षा सुविधाओं को बायपास करने के लिए दो और कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा हमलावरों के पास एपल का वेब ब्राउजर सफारी भी हमले के लिए उपयुक्त मंच रहा है।

    अटैचमेंट का इस्तेमाल सावधानी से करना होगा

    शोधकर्ताओं के मुताबिक आई-मैसेज के जरिये भेजे गए अटैचमेंट की मदद से एपल के उपकरणों को दूर से ही संक्रमित कर नियंत्रण हासिल किया जा कसता है। कैसपर्सकी के विशेषज्ञों के मुताबिक नए एपल चिप्स वाले उपकरणों की हार्डवेयर-आधारित सुरक्षा विशेषताएं साइबर हमलों के खिलाफ उनके लचीलापन को तो बढ़ाती हैं लेकिन अजेय नहीं हैं। ऑपरेशन ट्रायंगुलेशन के नतीजों से यह साफ हो जाता है कि आई-मैसेज अटैचमेंटों को बहुत सवाधानी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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