Microsoft: साइबर हमले के कारण आउटलुक और क्लाउड में आई थी दिक्कत; माइक्रोसॉफ्ट ने ठीकरा रूसी हैकरों पर फोड़ा
शुरुआत में सेवा में बाधा आने के कारणों पर मौन रखने वाली माइक्रोसॉफ्ट ने डीडीओएस पर हमले का ठिकरा हैकरों पर फोड़ा है। कंपनी ने कुछ ब्योरा तो साझा किया है, लेकिन यह नहीं बताया कि दुनियाभर में कितने यूजर इससे प्रभावित हुए।

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दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने महीने की शुरुआत में ई-मेल सेवा, फाइल साझा करने वाले एप वनड्राइव व क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में आई छिटपुट लेकिन, गंभीर बाधा को लेकर सूचना साझा की है। एक हैकर समूह ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने जंक फाइलों के जरिये ट्रैफिक को बाधित किया था।
शुरुआत में सेवा में बाधा आने के कारणों पर मौन रखने वाली माइक्रोसॉफ्ट ने डीडीओएस पर हमले का ठिकरा हैकरों पर फोड़ा है। कंपनी ने कुछ ब्योरा तो साझा किया है, लेकिन यह नहीं बताया कि दुनियाभर में कितने यूजर इससे प्रभावित हुए। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि खुद को एनोनिमस सूडान बताने वाले समूह ने टेलीग्राम पर हमले की जिम्मेदारी ली है। कुछ सुरक्षा शोधकर्ताओं का मानना है यह एक रूसी समूह है।
इससे पहले, Microsoft की ऑनलाइन सेवाएं बीते सोमवार की रात को कई घंटों के लिए ठप हो गई थीं। हालांकि बाद में सेवाओं को री-स्टोर किया गया। इस आउटेज से माइक्रोसॉफ्ट टीम, आउटलुक, Microsoft 365 के हजारों यूजर्स को परेशानी हुई थी। Microsoft की सेवाएं करीब 2 घंटे तक ठप रहीं थीं।
इस साल की शुरुआत में जनवरी में ही माइक्रोसॉफ्ट का cloud प्लेटफॉर्म Azure डाउन हुआ था। इसके साथ-साथ Teams और Outlook की सेवाएं भी ठप हुई थीं। Azure के डाउन होने से अमेरिका, यूरोप, भारत समेत कई देशों के यूजर्स प्रभावित हुए थे। अमेजन वेब सर्विस के बाद Azure दूसरी सबसे बड़ी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर है।