AI: एआई नहीं सीखने पर इंजीनियरों की नौकरी गई, सीईओ ने कहा- एक हफ्ते में नहीं सीखा, तो नहीं रहेगी जॉब
Coinbase के सीईओ ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने से इनकार करने वाले कई इंजीनियरों को नौकरी से निकाल दिया।

विस्तार
क्रिप्टो-एक्सचेंज प्लेटफॉर्म कॉयनबेस (Coinbase) के सीईओ ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने हाल ही में खुलासा किया कि जिन इंजीनियरों ने कंपनी द्वारा दिए गए AI टूल्स (जैसे GitHub Copilot और Cursor) को सीखने से इनकार किया, उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
एक हफ्ते की डेडलाइन
आर्मस्ट्रांग ने अपनी टीम को साफ कह दिया था कि सिर्फ एक हफ्ते में AI टूल्स सीखने होंगे। उन्होंने कर्मचारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि AI महत्वपूर्ण है। आपको इसे सीखना ही होगा और हफ्ते के अंत तक ऑनबोर्ड करना होगा, वरना सीधे सीईओ से मीटिंग करनी पड़ेगी।
शनिवार को हुई यह मीटिंग कई कर्मचारियों के लिए आखिरी मीटिंग साबित हुई। कुछ लोग यात्रा की वजह से समय पर AI नहीं सीख पाए, जबकि कुछ ने गंभीरता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप, कई कर्मचारियों को उसी समय नौकरी से निकाल दिया गया।
एक इंटरव्यू में आर्मस्ट्रांग ने बताया कि Coinbase में अब तक करीब 33% कोडिंग AI के जरिए की जा रही है। उनका लक्ष्य है कि इस तिमाही के अंत तक इसे 50% तक बढ़ाया जाए। इसके लिए कंपनी हर महीने "AI स्पीड रन" आयोजित करती है, जिसमें इंजीनियर बाकी टीम को AI उपयोग सिखाते हैं।
वैश्विक स्तर पर AI का असर
सीईओ ने साफ किया कि AI भले ही कोडिंग में तेजी ला रहा है, लेकिन मानव निगरानी बेहद जरूरी है। खासतौर पर फाइनेंशियल सेक्टर में बिना चेकिंग के AI को पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना जा सकता।
AI का असर धीरे-धीरे हर उद्योग में दिखने लगा है। McKinsey की रिपोर्ट के मुताबिक, AI 2030 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में सालाना 4.4 ट्रिलियन डॉलर तक का इजाफा कर सकता है। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी कह चुकी हैं कि आने वाले समय में AI अपनाने वाले उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।