सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है यह फोटो, हैरान करने वाली है सच्चाई

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कई जगह प्रदर्शनकारियों को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी है और आंसू गैस के गोले छ़ोड़ने पड़े हैं। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के अफवाह वाले मैसेज और फोटो शेयर किए जा रहे हैं। ऐसे पोस्ट से माहौल के खराब होने का डर है।
सोशल मीडिया पर एक और फोटो वायरल हो रही है जिसमें बुर्का पहने एक लड़के की फोटो वायरल हो रही है। फोटो के साथ कैप्शन लिखा जा रहा है कि जिसे सलमा समझा, वह सलीम निकला। इस फोटो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है लेकिन इस फोटो की सच्चाई जानने के बाद आप यही कहेंगे कि सोशल मीडिया समाज में जहर घोलने का काम कर रहा है...
दिल्ली नहीं सोमालिया की है वायरल हो रही यह फोटो

सोशल मीडिया पर लगातार शेयर हो रही इस फोटो की जांच अमर उजाला की पड़ताल टीम ने की है। सोशल मीडिया पर इस फोटो को'लाहौल विला कूवत...सलमा समझकर दिल्ली पुलिस जिसे छोड़ रही थी, वह तो कलमा पढ़कर पत्थरबाजी करने वाला सलीम निकला...।#भूसा_भर_दो_जेहादियों_के_पिछवाड़े'कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
हमारी पड़ताल में पता चला कि यह फोटो सोमालिया की राजधानी मोगादीशू की है। फोटो में दिखाई दे रहे शख्स का नाम येमेनी शेख उमर है जिसकी उम्र 22 साल है। शेख उमर यमन का रहने वाला है। शेख उमर अपनी बेटी असली दाऊद वारसिम से मिलने सोमालिया गया था।

दरअसल शेख उमर का तलाक हो गया था जिसके बाद उसकी बीवी बेटी असली दाऊद वारसिम को लेकर सोमालिया आ गई थी। इसके बाद अपनी बेटी से मिलने के लिए उमर ने बुर्का पहना और लड़की के रूप में अपनी बेटी से मिलने घर गया था, वह अपनी प्यारी बेटी असली दाऊद वारिसम से एक महिला के रूप में मिला लेकिन उसकी पोल खुल गई और वह पकड़ा गया।