ChatGPT: बड़ी लापरवाही! ट्रंप के साइबर चीफ ने चैटजीपीटी पर अपलोड किए 'सीक्रेट' सरकारी दस्तावेज
Cybersecurity Breach: अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA के कार्यवाहक प्रमुख मधु गोत्तुमुक्काला पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने 'केवल आधिकारिक उपयोग' वाले संवेदनशील सरकारी दस्तावेज चैटजीपीटी जैसे पब्लिक एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम सरकारी सुरक्षा प्रोटोकॉल और ऑटोमेटेड अलर्ट्स को नजरअंदाज करते हुए उठाया गया, जिससे संभावित डाटा लीक का खतरा पैदा हो गया।

विस्तार
अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA (साइबरसिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी) के कार्यवाहक प्रमुख मधु गोत्तुमुक्काला एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। 'पॉलिटिको' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के जरिए नियुक्त किए गए इस शीर्ष अधिकारी ने संवेदनशील सरकारी दस्तावेज चैटजीपीटी पर अपलोड कर दिए थे। इन दस्तावेजों पर 'केवल आधिकारिक उपयोग के लिए' (फॉर ऑफिशियल यूज ऑनली) की मुहर लगी थी, जिसका अर्थ है कि इन्हें सार्वजनिक या असुरक्षित प्लेटफॉर्म पर साझा नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा चेतावनियों को किया नजरअंदाज
रिपोर्ट के मुताबिक, जब गोत्तुमुक्काला इन फाइलों को अपलोड कर रहे थे, तब सरकारी नेटवर्क के ऑटोमेटेड सिक्योरिटी सिस्टम ने कई बार अलर्ट जारी किए थे। ये सिस्टम विशेष रूप से इसलिए बनाए गए हैं ताकि सरकारी फाइलों की चोरी या अनजाने में होने वाले खुलासे को रोका जा सके। हैरानी की बात यह है कि गोत्तुमुक्काला को CISA निदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान चैटजीपीटी का उपयोग करने की विशेष अनुमति मिली हुई थी, जबकि उस समय अन्य कर्मचारियों के लिए इसके उपयोग पर प्रतिबंध था।
डाटा लीक होने का खतरा
चैटजीपीटी जैसे लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) के पब्लिक वर्जन पर आंतरिक दस्तावेज अपलोड करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है। इसका सबसे मुख्य कारण यह है कि ये एआई मॉडल्स उसी डाटा से खुद को प्रशिक्षित करते हैं जो यूजर्स इसमें इनपुट करते हैं।
खतरा यह है कि एक बार जब आप कोई डाटा सिस्टम में फीड कर देते हैं, तो इस बात की पूरी संभावना रहती है कि वह जानकारी भविष्य में किसी अन्य यूजर के सवाल के जवाब में सामने आ जाए। इसके अलावा, भले ही ये दस्तावेज 'अनक्लासिफाइड' हों, लेकिन ये किसी संगठन की आंतरिक कार्यप्रणाली से जुड़े होते हैं और गोपनीयता के नियमों के तहत इन्हें सार्वजनिक डोमेन में नहीं आना चाहिए।
विवादों से पुराना नाता
CISA में शामिल होने से पहले मधु गोत्तुमुक्काला दक्षिण डकोटा में तत्कालीन गवर्नर क्रिस्टी नोएम के नेतृत्व में मुख्य सूचना अधिकारी (सीआईओ) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, उनकी नई नियुक्ति शुरुआत से ही सुर्खियों में रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे एक 'काउंटरइंटेलिजेंस पॉलीग्राफ' यानी झूठ पकड़ने वाले टेस्ट में विफल हो गए थे। हालांकि, बाद में गृह सुरक्षा विभाग ने सफाई देते हुए इस टेस्ट को ही 'अनधिकृत' करार दे दिया था। इस पूरे घटनाक्रम के ठीक बाद मधु ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने छह स्टाफ सदस्यों को वर्गीकृत जानकारी तक पहुंचने से निलंबित कर दिया।
CISA की सफाई
CISA के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि गोत्तुमुक्काला के जरिए चैटजीपीटी का उपयोग 'अल्पकालिक और सीमित' था। फिलहाल, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी इस बात की जांच कर रहा है कि इन अपलोड्स से सरकारी सुरक्षा को कितना नुकसान पहुंचा है।
क्या होता है जब आप संवेदनशील दस्तावेज चैटजीपीटी पर अपलोड करते हैं?
सिर्फ सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि आम यूजर्स के लिए भी चैटजीपीटी या किसी अन्य एआई चैटबॉट पर संवेदनशील दस्तावेज, जैसे- बैंक स्टेटमेंट, मेडिकल रिपोर्ट, आधार/पैन कार्ड या कानूनी एग्रीमेंट अपलोड करना जोखिम भरा हो सकता है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि ये एआई मॉडल्स डिफॉल्ट रूप से आपके डाटा का उपयोग खुद को 'ट्रेन' करने के लिए करते हैं। इसका मतलब है कि एक बार अपलोड होने के बाद आपकी निजी जानकारी उनके विशाल डाटाबेस का स्थायी हिस्सा बन जाती है, जिसे पूरी तरह हटाना लगभग नामुमकिन है।
इसके अलावा, गोपनीयता का एक बड़ा खतरा यह भी है कि एआई कंपनियों की टीमें सुधार के लिए अक्सर चैट हिस्ट्री की मानवीय समीक्षा करती हैं, जिससे आपकी प्राइवेट जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के सामने आ सकती है। सबसे डरावनी बात यह है कि यदि एआई आपके डाटा पर प्रशिक्षित हो जाता है तो भविष्य में किसी दूसरे यूजर के मिलते-जुलते सवाल पूछने पर वह अनजाने में आपकी निजी जानकारी का कोई हिस्सा लीक भी कर सकता है।