Chinese Mobile Ban: सरकार से डरीं चाइनीज कंपनियां, घटाया सस्ते फोन का प्रोडक्शन
भारत में थोड़े दिन पहले ही चाइनीज मोबाइल कंपनियों पर कार्रवाई की खबर आई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि 12,000 रुपये से कम कीमत वाले चाइनीज फोन को भारत में बैन किया जाएगा।

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भारत सरकार के डर से शाओमी, वीवो और ओप्पो जैसे चाइनीज ब्रांड ने सस्ते स्मार्टफोन मार्केट से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। दरअसल, हाल ही में खबर थी कि सरकार 12,000 रुपये से कम कीमत वाले चाइनीज फोन को भारत में बैन कर सकती है। हालांकि इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इन फोन पर प्रतिबंध की बात को नकार दिया था। लेकिन, चाइनीज ब्रांड और सरकार के बीच विवाद का असर कंपनियों के फैसले पर साफ नजर आ रहा है। अब इन चाइनीज कंपनियों ने खुद ही 10 हजार रुपये से कम कीमत वाले फोन को लॉन्च करना कम कर दिया है।
बता दें कि चाइनीज कंपनियों के साथ साउथ कोरियाई कंपनी सैमसंग ने भी इस साल 10 हजार से कम कीमत में केवल एक फोन लॉन्च किया है। वहीं शाओमी के एंट्री लेवल सेगमेंट में भी लगभग 12 फीसदी की कमी देखने को मिली है। इंटरनेशनल डाटा कॉर्पोरेशन (IDC) के आंकड़ों के मुताबिक शाओमी के 7,500 रुपये वाले सेगमेंट के शेयर 28 फीसदी से घटकर 25 फीसदी पर आ गए हैं। जबकि 10 हजार के कम कीमत वाले फोन के मार्केट शेयर में भी गिरावट हुई है।
शाओमी का मार्केट शेयर 2015 में 84 फीसदी के मुकाबले अब 35 फीसदी ही रह गया है। जबकि 10 से 20 हजार वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में कंपनी ने 45 फीसदी का कब्जा हासिल किया है, जो कि 2015 में मात्र 13 फीसदी ही था। बता दें कि इन कंपनियों के अब तक इस साल 10 हजार से कम कीमत में मात्र 39 स्मार्टफोन ही लॉन्च हुए हैं, जो कि पिछले साल 60 फोन लॉन्च के मुकाबले काफी कम है।
सस्ते चाइनीज फोन को बंद करने की आई थी खबर
भारत में थोड़े दिन पहले ही चाइनीज मोबाइल कंपनियों पर कार्रवाई की खबर आई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि 12,000 रुपये से कम कीमत वाले चाइनीज फोन को भारत में बैन किया जाएगा। यह रिपोर्ट ब्लूमबर्ग की ओर से जारी की गई थी, इसमें कहा जा रहा था कि सरकार ने यह फैसला लावा, माइक्रोमैक्स जैसी घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए लिया है।
सरकार ने किया था इनकार
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इन फोन पर प्रतिबंध की बात को नकारा था। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि सरकार ने अभी तक चाइनीज कंपनियों के इन फोन को बैन करने की कोई योजना नहीं बनाई है। भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देना सरकार का दायित्व और कर्तव्य है। यदि अनुचित व्यापार प्रथाओं के कारण, भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड का बहिष्कार होता है, तो हम हस्तक्षेप करेंगे और समाधान करेंगे।